
प्राकृतिक आपदाओं की मार झेलने वाले राज्यों के लिए केंद्र सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय समिति की बैठक में छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों के लिए 1,912.99 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि को मंजूरी दी गई है। इस फैसले के तहत छत्तीसगढ़ के हिस्से में 15 करोड़ 70 लाख रुपये आए हैं। यह राशि विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए संजीवनी का काम करेगी जो पिछले साल बाढ़, भूस्खलन और चक्रवाती तूफानों की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुए थे।
NDRF के फंड से मिलेगी राहत
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ को दी जाने वाली यह आर्थिक मदद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) के माध्यम से जारी की जाएगी। इस फंड का मुख्य उद्देश्य आपदा प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्वास (Rehabilitation) के कार्यों में तेजी लाना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस सहयोग के लिए केंद्र सरकार और गृहमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह राशि राज्य में बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी।
आपदाओं की लंबी फेहरिस्त
यह अतिरिक्त सहायता वर्ष 2025 के दौरान आई विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखते हुए दी गई है। इसमें अचानक आई बाढ़ (Flash Flood), बादल फटने की घटनाएं, भूस्खलन और विनाशकारी चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ से हुए नुकसान की भरपाई शामिल है। छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में इन आपदाओं के कारण फसलों और जनजीवन को काफी नुकसान पहुंचा था। केंद्र की यह पहल पहले से जारी की गई सहायता राशियों के अतिरिक्त है, जिससे राज्य सरकार पर वित्तीय बोझ कम होगा।
राज्यों को मिला भारी-भरकम बजट
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार ने आपदा प्रबंधन को लेकर बेहद सक्रियता दिखाई है। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के तहत देशभर के 28 राज्यों को अब तक 20,735.20 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। वहीं, NDRF के जरिए 21 राज्यों को 3,628.18 करोड़ रुपये की मदद दी गई है। छत्तीसगढ़ भी उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है जिन्हें अपनी रिपोर्ट और नुकसान के आकलन के आधार पर यह अतिरिक्त फंड आवंटित किया गया है।
भविष्य की सुरक्षा के लिए ‘न्यूनीकरण कोष’
सिर्फ तात्कालिक राहत ही नहीं, बल्कि भविष्य में आपदाओं के जोखिम को कम करने के लिए भी केंद्र ने बड़ी योजना बनाई है। इसके लिए राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (SDMF) से 23 राज्यों को 5,373.20 करोड़ रुपये दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार भी इस फंड का उपयोग दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों को मजबूत करने, पूर्व चेतावनी प्रणाली (Early Warning System) को बेहतर बनाने और आपदा रोधी बुनियादी ढांचे के निर्माण में करने की तैयारी कर रही है।
मुख्यमंत्री ने जताया आभार
दिल्ली में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मोदी सरकार आपदा की घड़ी में राज्यों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 15.70 करोड़ रुपये की इस राशि का पारदर्शी तरीके से उपयोग किया जाएगा। प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे नुकसान का अंतिम ब्यौरा तैयार रखें ताकि राहत राशि का वितरण सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच सके।
आपदा प्रबंधन में छत्तीसगढ़ का अगला कदम
केंद्र से मिली इस मदद के बाद अब राज्य का खेल और आपदा प्रबंधन विभाग हाई अलर्ट पर है। बारिश के मौसम से पहले बांधों की स्थिति, तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा और जलभराव वाले इलाकों में ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने का काम प्राथमिकता पर लिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में आने वाली किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तकनीक और संसाधनों का बेहतर तालमेल बिठाया जाए, ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके।



