
धमतरी जिले की किशोरियों को जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से जिले में आज से एचपीवी (HPV) वैक्सीन टीकाकरण अभियान का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। जिला अस्पताल से शुरू होने वाला यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रीय मिशन का हिस्सा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सही उम्र में यह टीका लगने से भविष्य में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
14 वर्ष की किशोरियों को मुफ्त लगेगा टीका
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. यू.एल. कौशिक ने बताया कि इस अभियान के केंद्र में 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियां रहेंगी। सरकारी अस्पतालों में यह वैक्सीन पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली एक गंभीर समस्या है, लेकिन समय पर टीकाकरण के जरिए इससे बचाव संभव है। प्रशासन का लक्ष्य जिले की हर पात्र किशोरी तक इस सुरक्षा कवच को पहुंचाना है।
पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य, पोर्टल पर दर्ज होगा डेटा
टीकाकरण के लिए आयु का सत्यापन जरूरी है। अभिभावकों को अपनी बेटी का आधार कार्ड या कोई अन्य फोटो पहचान पत्र साथ लाना होगा। यदि किसी कारणवश पहचान पत्र उपलब्ध नहीं है, तो परिजनों द्वारा दिए गए हस्ताक्षरित घोषणा पत्र को भी मान्यता दी जाएगी। खास बात यह है कि हर टीकाकरण की एंट्री ‘यू-विन’ (U-WIN) पोर्टल पर की जाएगी, जिससे लाभार्थियों को तुरंत डिजिटल सर्टिफिकेट मिल सकेगा। यह सर्टिफिकेट भविष्य में रिकॉर्ड के तौर पर काम आएगा।
अस्पताल में चाक-चौबंद व्यवस्था, 30 मिनट की निगरानी
टीकाकरण को सुरक्षित बनाने के लिए जिला अस्पताल में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक सत्र स्थल पर प्रतीक्षालय, टीकाकरण कक्ष और एक विशेष निगरानी कक्ष (Observation Room) बनाया गया है। वैक्सीन लगने के बाद हर लाभार्थी को 30 मिनट तक डॉक्टरों की देखरेख में रखा जाएगा ताकि किसी भी तरह की तात्कालिक प्रतिक्रिया की स्थिति में तुरंत उपचार मिल सके। अस्पताल में एनाफिलेक्सिस किट और अन्य जीवन रक्षक दवाइयां भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेंगी।
अभिभावकों से अपील: बेटियों के भविष्य के लिए आगे आएं
डॉ. कौशिक ने जिले के सभी माता-पिता से भावनात्मक अपील की है कि वे इस अभियान को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसके लक्षण अक्सर बहुत देर से पता चलते हैं, इसलिए किशोरावस्था में ही सुरक्षा सुनिश्चित करना समझदारी है। अभिभावक अपनी 14 साल की बेटियों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचें और उन्हें भविष्य की इस गंभीर स्वास्थ्य चुनौती से सुरक्षित करें।
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