CG Legislative Assembly Budget Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा: बजट सत्र का 12वां दिन आज इन ज्वलंत मुद्दों पर मुख्यमंत्री सहित मंत्री करेंगे सवालों का सामना, सदन में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी तकरार

CG Assembly Budget Session 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की सरगर्मी आज अपने 12वें दिन में प्रवेश कर गई है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही आज राजस्व, आपदा प्रबंधन, वन और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभागों पर चर्चा होने वाली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ-साथ मंत्री टंक राम वर्मा और केदार कश्यप आज विपक्ष के तीखे सवालों के घेरे में होंगे। आज का एजेंडा काफी भारी है, जिसमें धमतरी-कांकेर की अवैध प्लाटिंग से लेकर प्रदेश की बिजली व्यवस्था और विज्ञापनों पर हुए खर्च जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं। विपक्ष ने संकेत दे दिए हैं कि वे जनहित के इन सवालों पर सरकार को आसानी से नहीं छोड़ने वाले।

धमतरी और कांकेर में अवैध प्लाटिंग का ‘जाल’

विधायक अंबिका मरकाम आज सदन में भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ मोर्चा खोलेंगी। उन्होंने धमतरी और कांकेर जिले में धड़ल्ले से हो रही अवैध प्लाटिंग और बिना अनुमति के काटी जा रही कॉलोनियों पर सवाल उठाए हैं। विधायक ने पूछा है कि 31 जनवरी 2026 तक कितनी शिकायतें मिलीं और कितने खसरों की जांच हुई? सबसे गंभीर सवाल ‘ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट’ को लेकर है क्या नगर निगमों ने बिना आंतरिक निर्माण पूरा किए ही प्रमाण पत्र बांट दिए? इस मुद्दे पर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा को जवाब देना होगा कि आखिर किन अधिकारियों की शह पर नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं।

नजूल भूमि और भू-भाटक: वसूली के नियमों पर रार

प्रदेश में नजूल भू-स्वामियों से वसूले जाने वाले ‘भू-भाटक शुल्क’ (Land Rent) को लेकर भी आज सदन में बहस छिड़ेगी। विधायक देवेंद्र यादव और श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी ने सरकार से पूछा है कि शुल्क वसूली के लिए 2015 की मार्गदर्शिका के बाद अब तक क्या नए आदेश जारी हुए हैं? विशेषकर दुर्ग संभाग के लिए जारी पृथक आदेशों और उनकी शर्तों पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। नजूल की जमीनों पर रहने वाले हजारों शहरी परिवारों के हितों से जुड़ा यह मुद्दा आज सदन का तापमान बढ़ा सकता है।

पीएम सूर्यघर योजना: मुफ्त बिजली का लक्ष्य और हकीकत

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत आज ऊर्जा विभाग के जरिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को घेरेंगे। उन्होंने प्रदेश में ‘पी.एम. सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ और ‘कुसुम योजना’ की प्रगति का ब्यौरा मांगा है। सवाल यह है कि 28 फरवरी 2026 तक कितने सोलर प्लांट लगे और हितग्राहियों को कितनी सब्सिडी मिली? नेता प्रतिपक्ष ने वर्ष 2047 तक का लक्ष्य और प्रधानमंत्री आवास योजना के घरों में राज्य के खर्च पर सोलर प्लांट लगाने की मंशा पर भी सवाल किए हैं। इसके साथ ही सोलर वेंडर्स द्वारा तय की गई दरों की पारदर्शिता पर भी चर्चा होगी।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना: आखिर किन सड़कों पर दौड़ रही बसें?

विधायक अजय चंद्राकर आज वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप से ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ का हिसाब मांगेंगे। चंद्राकर ने पूछा है कि यह योजना किन क्षेत्रों में लागू है और बस ऑपरेटरों का चयन किस आधार पर किया गया? उन्होंने आरोप लगाया है कि क्या यह योजना केवल कागजों पर है या वास्तव में चिन्हित सड़कों पर बसें चल रही हैं? ऑपरेटरों को दी जा रही सब्सिडी, उनके बकाया भुगतान और नियमित जांच की प्रक्रिया पर मंत्री के जवाब से ही साफ होगा कि ग्रामीण परिवहन की गाड़ी कितनी रफ्तार में है।

विज्ञापन व्यय: नेशनल हेराल्ड को मिले फंड पर सवाल

मुख्यमंत्री के जनसंपर्क विभाग से जुड़ा एक और अहम सवाल आज सदन की सुर्खियां बनेगा। विधायक भावना बोहरा ने पिछले तीन वर्षों में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया विज्ञापनों पर हुए कुल खर्च का डेटा मांगा है। इस सवाल में सबसे खास बिंदु ‘नेशनल हेराल्ड’ को जारी किए गए विज्ञापनों का है। भावना बोहरा ने पूछा है कि क्या उक्त अवधि में नेशनल हेराल्ड को विज्ञापन दिए गए? यदि हां, तो कितनी राशि का भुगतान हुआ और उसके बदले में सरकार की किन उपलब्धियों का प्रचार किया गया? यह सवाल राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोपों पर होगी बहस

आज की कार्यवाही केवल सवालों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के जरिए कई योजनाओं में हो रही गड़बड़ियों को भी उजागर किया जाएगा। विपक्ष का दावा है कि राजस्व से लेकर परिवहन विभाग तक, सरकारी अमला जानकारी देने में हिचकिचा रहा है। अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की सुस्त रफ्तार और विज्ञापन आवंटन में पक्षपात के आरोपों पर आज सत्ता पक्ष को कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। देखना होगा कि मुख्यमंत्री साय और उनके मंत्री इन हमलों का मुकाबला किस रणनीति से करते हैं।

सदन की गरिमा और जनहित के सवाल

विधानसभा में आज जनहित के इतने बड़े मुद्दों का शामिल होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती को दर्शाता है। बस्तर से लेकर धमतरी तक और बिजली से लेकर बस सेवा तक, हर वर्ग से जुड़े सवाल आज सदन पटल पर हैं। जनता को उम्मीद है कि इन चर्चाओं से न केवल अनियमितताएं दूर होंगी, बल्कि विकास योजनाओं का लाभ भी उन तक सुगमता से पहुंचेगा। शाम तक मंत्रियों के जवाबों से स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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