
छत्तीसगढ़ में सूरज के तेवर तल्ख होते ही बच्चों की सेहत पर खतरा मंडराने लगा है। मार्च के महीने में ही पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन अब एक्शन मोड में आ गया है। राज्य के दो प्रमुख जिलों कोंडागांव और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) ने स्कूलों के संचालन समय में भारी बदलाव का आदेश जारी किया है। दोपहर की चिलचिलाती धूप और लू से छात्रों को बचाने के लिए अब शालाओं का समय सुबह की शिफ्ट में शिफ्ट कर दिया गया है। यह आदेश सरकारी और निजी, दोनों तरह के स्कूलों पर तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
कोंडागांव: सुबह 7:30 बजे बज जाएगी स्कूल की घंटी
कोंडागांव जिले में बढ़ती तपिश को देखते हुए डीईओ ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। जिले की सभी प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी शालाएं अब सोमवार से शनिवार तक सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक संचालित होंगी। जिन स्कूलों में जगह की कमी के कारण दो पालियों (Shifts) में कक्षाएं लगती हैं, वहां प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूल सुबह 7:30 से 11:30 बजे तक लगेंगे, जबकि हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों का समय दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक निर्धारित किया गया है। हालांकि, बोर्ड और ओपन स्कूल की परीक्षाएं अपने पूर्व निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही चलेंगी।

GPM में परीक्षाओं के बीच बदला गया टाइम-टेबल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में आज यानी 16 मार्च से प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों की वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। परीक्षाओं के दौरान बच्चों को लू की चपेट से बचाने के लिए प्रशासन ने समय में संशोधन किया है। अब जिले के सभी निजी और शासकीय स्कूल सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक ही खुलेंगे। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि वार्षिक परीक्षाओं का संचालन भी इसी संशोधित समय के भीतर किया जाए, ताकि दोपहर होने से पहले बच्चे सुरक्षित अपने घर पहुंच सकें।
बच्चों की सेहत पहली प्राथमिकता: डीईओ का आदेश
दोनों जिलों के शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला अभिभावकों की चिंता और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया है। मार्च के मध्य में ही तापमान जिस तेजी से बढ़ा है, उससे स्कूलों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया था। नए आदेश के तहत अब बच्चों को दोपहर की झुलसाने वाली धूप में घर नहीं जाना पड़ेगा। विभाग ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र के स्कूलों में इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं।
क्या प्राइवेट स्कूलों पर भी लागू होगा यह नियम?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह नियम केवल सरकारी स्कूलों के लिए नहीं है। जिलों के अंतर्गत आने वाले सभी अशासकीय (Private) और अनुदान प्राप्त स्कूलों को भी इसी समय सारणी का पालन करना अनिवार्य होगा। यदि कोई निजी स्कूल मनमानी करते हुए दोपहर तक कक्षाएं संचालित करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों ने भी प्रशासन के इस संवेदनशील फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि दोपहर 12 बजे के बाद धूप के कारण छोटे बच्चों का हाल बेहाल हो रहा था।
परीक्षाएं और बोर्ड एग्जाम पर क्या होगा असर?
समय में बदलाव के बावजूद हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी की बोर्ड परीक्षाओं के समय में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। चूंकि बोर्ड परीक्षाओं का केंद्र और समय राज्य स्तर से निर्धारित होता है, इसलिए वे अपनी तय समय सारणी के अनुसार ही चलेंगी। हालांकि, स्थानीय परीक्षाओं (Local Exams) के लिए स्कूलों को फ्लेक्सिबिलिटी दी गई है कि वे सुबह की शिफ्ट में ही पेपर संपन्न कराएं। आने वाले दिनों में अगर गर्मी और बढ़ती है, तो समय में और कटौती की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।



