CG Assembly Budget Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा: सरकार ने वापस लिया ‘धर्म स्वातंत्र्य’ संशोधन विधेयक, भू-राजस्व और नगर निवेश बिल सर्वसम्मति से पास

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को विधायी कार्यों के लिहाज से एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। साय सरकार ने करीब दो दशक पुराने और राज्यपाल द्वारा लौटाए गए ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य (संशोधन) विधेयक, 2006’ को आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है। सदन की कार्यवाही के दौरान गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस विधेयक पर पुनर्विचार का प्रस्ताव रखा था, जिसके बाद आसंदी की अनुमति से इसे वापस लेने की प्रक्रिया पूरी की गई। इस फैसले के साथ ही लंबे समय से लंबित इस विवादास्पद संशोधन पर फिलहाल विराम लग गया है।

भू-राजस्व संहिता और नगर निवेश संशोधनों पर लगी मुहर

सदन में जहां एक तरफ पुराना विधेयक वापस लिया गया, वहीं दूसरी तरफ विकास से जुड़े कई अहम विधेयकों को हरी झंडी मिली। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने ‘छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किया, जिसे सदन ने बिना किसी विरोध के सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इसके साथ ही वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने ‘छत्तीसगढ़ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक’ और ‘छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक’ के प्रस्ताव रखे। ये दोनों विधेयक भी सदन में चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पास हो गए, जिससे राज्य में शहरी नियोजन और आवास संबंधी नियमों में सुधार का रास्ता साफ हो गया है।

मुख्यमंत्री के विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा

विधेयकों के पारित होने के बाद सदन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विभागों से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा शुरू हुई। सामान्य प्रशासन, ऊर्जा और जनसंपर्क जैसे महत्वपूर्ण विभागों के बजट आवंटन पर सरकार ने अपना पक्ष रखा। हालांकि, इस दौरान सदन में एक अलग नजारा देखने को मिला—विपक्ष ने इस चर्चा में सक्रिय रूप से भाग नहीं लिया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रही विकास योजनाओं और आगामी लक्ष्यों पर विस्तार से अपनी बात रखी।

विधायी कार्यों के बीच विपक्ष की दूरी

मंगलवार की कार्यवाही में एक तरफ जहां कई महत्वपूर्ण कानूनी बदलावों पर सत्ता पक्ष और सदन की सर्वसम्मति दिखी, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के विभागों की चर्चा से विपक्ष की दूरी चर्चा का विषय बनी रही। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से अवैध प्लाटिंग और अन्य मुद्दों पर सदन में काफी हंगामा हुआ था, जिसका असर मंगलवार की कार्यवाही के तालमेल पर भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री के विभागों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के शामिल न होने के बावजूद सरकार ने अपने विधायी एजेंडे को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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