छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, वेटिंग लिस्ट वाले उम्मीदवारों की जगी आस

बिलासपुर हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति के बाद जो भी पद खाली बचेंगे, उन्हें प्रतीक्षा सूची यानी वेटिंग लिस्ट से भरा जाएगा। इस फैसले से उन सैकड़ों युवाओं को बड़ी राहत मिली है जो मेरिट लिस्ट में थोड़े अंतर से पीछे रह गए थे और लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे।

एक से अधिक जगह चयन होने से खाली रह गए थे पद

भर्ती प्रक्रिया के दौरान यह देखा गया कि कई प्रतिभावान अभ्यर्थियों का चयन एक साथ कई अलग-अलग जिलों या यूनिट्स में हो गया था। नियमानुसार एक उम्मीदवार केवल एक ही जगह जॉइन कर सकता है। ऐसे में बाकी जगहों पर उनके नाम के आगे वाले पद खाली रह गए। इन खाली सीटों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, जिसे अब हाईकोर्ट ने पूरी तरह साफ कर दिया है।

जॉइनिंग के बाद बची सीटों पर मिलेगी नई नियुक्तियां

अदालत ने अपने निर्देश में कहा है कि सबसे पहले उन अभ्यर्थियों की जॉइनिंग प्रक्रिया पूरी की जाए जिनका नाम मुख्य चयन सूची में है। इसके बाद विभाग यह गणना करेगा कि कुल कितने पद खाली रह गए हैं। इन रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग को वेटिंग लिस्ट का सहारा लेना होगा ताकि कोई भी पद बेकार न जाए और योग्य उम्मीदवारों को नौकरी मिल सके।

वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थियों को मिलेगा सीधा फायदा

इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ उन अभ्यर्थियों को होगा जिनके नाम वेटिंग लिस्ट में दर्ज हैं। पहले यह स्पष्ट नहीं था कि विभाग इन खाली पदों पर नई भर्ती निकालेगा या इसी सूची से नियुक्तियां देगा। अब कोर्ट के आदेश के बाद विभाग को वेटिंग लिस्ट से ही उम्मीदवारों को बुलाना होगा। इससे भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी और उम्मीदवारों को दोबारा लंबी परीक्षा प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।

पारदर्शिता और नियम के पालन पर कोर्ट का जोर

हाईकोर्ट ने इस आदेश के जरिए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की कोशिश की है। अदालत का मानना है कि सरकारी पदों को खाली रखना न तो प्रशासन के हित में है और न ही उन युवाओं के लिए न्यायसंगत है जिन्होंने कड़ी मेहनत की है। इस फैसले के बाद अब पुलिस मुख्यालय को खाली पदों का विवरण तैयार कर अगली प्रक्रिया शुरू करनी होगी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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