
छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी अपनी जड़ों को और मजबूत करने के लिए कल यानी 6 अप्रैल से ‘गांव चलो अभियान’ का आगाज करने जा रही है। यह विशेष अभियान 14 अप्रैल तक चलेगा, जिसके तहत पार्टी के तमाम बड़े चेहरे ग्रामीण इलाकों में डेरा डालेंगे। इस मुहिम की कमान खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय संभालेंगे, उनके साथ मंत्रिमंडल के सदस्य और वरिष्ठ पदाधिकारी भी अलग-अलग गांवों के दौरे पर रहेंगे। बीजेपी का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाना और जमीनी स्तर पर संगठन की पकड़ को और धार देना है।
चौपालों पर सजेगी राजनीतिक बिसात: हर विधानसभा के 50 गांवों में होगी दस्तक
बीजेपी ने इस अभियान के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। पार्टी की योजना के मुताबिक, राज्य की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 50 चुनिंदा गांवों को इस जनसंपर्क कार्यक्रम के लिए चुना गया है। इन गांवों में मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता खुद पहुंचकर ग्रामीणों के साथ सीधी बातचीत करेंगे। इस दौरान न केवल केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाई जाएंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निराकरण का रास्ता भी तलाशा जाएगा।
मुख्यमंत्री साय संभालेंगे कमान: मंत्रियों और विधायकों को सौंपी गई जिम्मेदारी
अभियान के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दौरा सबसे अहम माना जा रहा है। वे चुनिंदा ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर न सिर्फ चौपाल लगाएंगे, बल्कि कार्यकर्ताओं के साथ सांगठनिक बैठकें भी करेंगे। पार्टी ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से समय बिताना होगा। इस कवायद के जरिए बीजेपी यह संदेश देना चाहती है कि उनकी सरकार केवल मंत्रालय तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे आम जनता के द्वार तक पहुंच रही है।
जमीनी फीडबैक पर जोर: चुनाव से पहले जनता की नब्ज टटोलने की तैयारी
‘गांव चलो अभियान’ को केवल एक जनसंपर्क कार्यक्रम के तौर पर नहीं देखा जा रहा है, बल्कि यह आने वाले समय के लिए जनता का मूड भांपने की एक कोशिश भी है। अभियान के अंत में एकत्रित किए गए डेटा और ग्रामीणों के फीडबैक को प्रदेश मुख्यालय में जमा किया जाएगा। इससे पार्टी को यह समझने में मदद मिलेगी कि सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन जमीन पर कैसा है और किन क्षेत्रों में अभी और सुधार की गुंजाइश है। 14 अप्रैल को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर इस अभियान का समापन होगा।



