
UAE Fujairah Oil Attack: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रियल एरिया में हुए एक ड्रोन हमले ने खाड़ी देशों में हलचल मचा दी है. इस हमले में तेल डिपो को काफी नुकसान पहुंचा है और वहां काम कर रहे 3 भारतीय कर्मचारी भी घायल हुए हैं. अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनातनी के दौरान हुए इस हमले ने वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है. भारत सरकार ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए हमले की निंदा की है और इसे शांति के खिलाफ बताया है.
फुजैराह तेल डिपो पर ड्रोन से हमला और भारतीय नागरिक हुए घायल
यूएई के फुजैराह स्थित तेल डिपो पर हुए इस अचानक हमले से वहां भीषण आग लग गई. यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों और ड्रोन्स को रास्ते में ही रोक दिया था, लेकिन एक ड्रोन सीधे तेल डिपो पर जाकर गिरा. इस धमाके और आग की चपेट में आने से तीन भारतीय नागरिकों को गंभीर चोटें आई हैं. इस हमले ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और वहां काम कर रहे विदेशी नागरिकों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने जताई कड़ी आपत्ति और की शांति की अपील
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हमले को पूरी तरह से ‘अस्वीकार्य’ करार दिया है. मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि आम नागरिकों और औद्योगिक क्षेत्रों को निशाना बनाना किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. भारत ने पश्चिम एशिया में स्थिरता बनाए रखने के लिए बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर चलने की सलाह दी है. इसके साथ ही भारत ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का हवाला देते हुए मांग की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से वैश्विक व्यापार बिना किसी रुकावट के जारी रहना चाहिए.
हमले के बाद यूएई और ईरान के बीच बढ़ा तनाव
इस हमले के बाद यूएई और ईरान के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. जहां यूएई ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया है, वहीं ईरान ने इस घटना में अपनी किसी भी सीधी भूमिका से इनकार कर दिया है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस तनाव के लिए अमेरिका की सैन्य नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है. ईरान की ओर से यूएई को चेतावनी भी दी गई है कि वे हालात को और ज्यादा न बिगाड़ें. इस स्थिति ने मध्य पूर्व में युद्ध जैसी परिस्थितियों की आशंका को बढ़ा दिया है.
कच्चे तेल की सप्लाई पर संकट और देश के राज्यों में ईंधन के दाम
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह विवाद लंबा खिंचता है, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उछाल आ सकता है. हालांकि 05 मई 2026 तक भारत की तेल कंपनियों ने घरेलू कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में आज के ईंधन के दाम इस प्रकार हैं:
- रायपुर (छत्तीसगढ़): पेट्रोल 100.39 रुपये और डीजल 93.33 रुपये प्रति लीटर.
- बिलासपुर (छत्तीसगढ़): पेट्रोल 101.06 रुपये और डीजल 94.00 रुपये प्रति लीटर.
- भोपाल (मध्य प्रदेश): पेट्रोल 106.47 रुपये और डीजल 91.84 रुपये प्रति लीटर.
- इंदौर (मध्य प्रदेश): पेट्रोल 106.48 रुपये और डीजल 91.88 रुपये प्रति लीटर.



