
छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग (CCPL) के तीसरे सीजन में इस बार खेल प्रेमियों को एक नया और अनोखा अनुभव मिलने वाला है. आईपीएल की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े घरेलू क्रिकेट मंच पर भी क्षेत्रीय भाषा का जलवा देखने को मिलेगा. छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) ने देश-दुनिया में छत्तीसगढ़ी बोली की मिठास को पहुंचाने के लिए इस बार लाइव छत्तीसगढ़ी कॉमेंट्री कराने का फैसला किया है. इस खास काम के लिए कुरुद के रहने वाले खेल शिक्षक और अंपायर हरीश देवांगन का चयन किया गया है. उनकी इस सफलता से पूरे कुरुद क्षेत्र में खुशी की लहर है.
कड़े ऑडिशन के बाद हुआ हरीश का चयन, दो मिनट के ऑडियो सैंपल के आधार पर ज्यूरी ने लगाई मुहर
छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने इस बार प्रादेशिक भाषा में कॉमेंट्री को बढ़ावा देने के लिए पूरे प्रदेश से आवेदन मंगाए थे. इसके लिए इच्छुक आवेदकों को अपनी खेल उपलब्धियों के विवरण के साथ दो मिनट की कॉमेंट्री का एक ऑडियो सैंपल भेजना था. प्रदेशभर से आए सैकड़ों आवेदकों के बीच सीएससीएस की निर्णायक ज्यूरी ने हरीश देवांगन के हुनर को सर्वश्रेष्ठ माना. हरीश वर्तमान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भाठागांव में पीटीआई (खेल शिक्षक) के पद पर कार्यरत हैं और इसके साथ ही वे स्टेट क्रिकेट संघ के पैनल अंपायर भी हैं.

आईपीएल की तर्ज पर क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा, देश-दुनिया तक पहुंचेगी छत्तीसगढ़ी की गूंज
अंतरराष्ट्रीय स्तर और आईपीएल के मैचों में प्रादेशिक भाषाओं में होने वाली कॉमेंट्री की भारी लोकप्रियता को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने यह अभिनव पहल की है. इस शुरुआत से न केवल छत्तीसगढ़ की करीब तीन करोड़ जनता को अपनी मातृभाषा में मैच का आंखों देखा हाल सुनने को मिलेगा, बल्कि खेल के माध्यम से छत्तीसगढ़ी संस्कृति का भी प्रसार होगा. कुरुद की माटी से निकले हरीश देवांगन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के हिंदी कॉमेंटेटरों के साथ मंच साझा करते हुए छत्तीसगढ़ी में चौके-छक्कों का हाल सुनाएंगे.

छह फ्रेंचाइजी टीमों में बंटे हैं प्रदेश के खिलाड़ी, रणजी और आईपीएल के लिए तैयार हो रहा है रास्ता
यह टूर्नामेंट प्रदेश के उभरते हुए क्रिकेटरों के लिए एक स्वर्णिम मंच की तरह काम करता है. छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ द्वारा चयनित खिलाड़ियों को संतुलित रूप से छह मुख्य टीमों में विभाजित किया जाता है, जिनमें रायगढ़ लायंस, रायपुर राइनोज, बिलासपुर बुल्स, बस्तर बायसन, सरगुजा टाइगर्स और राजनांदगांव पैंथर्स शामिल हैं. इस मंच पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले युवाओं के लिए आगे चलकर आईपीएल, रणजी ट्रॉफी, ईरानी ट्रॉफी और राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का रास्ता आसान हो जाता है, क्योंकि कई फ्रेंचाइजी टीमों के प्रतिनिधि इन मैचों पर नजर रखते हैं.
चेयरमैन बलदेव सिंह भाटिया और पदाधिकारियों की सोच से प्रदेश में क्रिकेट को मिल रहा है नया मुकाम
छत्तीसगढ़ में क्रिकेट अधोसंरचना को मजबूत करने और स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का पूरा श्रेय स्टेट क्रिकेट संघ के चेयरमैन बलदेव सिंह भाटिया, विजय शाह और संघ के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों को जाता है. संघ के इस प्रयास की वजह से ही अब खिलाड़ियों के साथ-साथ कॉमेंट्री और खेल प्रबंधन के क्षेत्र में रुचि रखने वाले स्थानीय युवाओं को भी बड़े स्तर पर अपने हुनर का प्रदर्शन करने का सीधा मौका मिल रहा है.

दुबई और देश के कई बड़े शहरों में अंपायरिंग का अनुभव, बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं हरीश देवांगन
हरीश देवांगन का खेल की दुनिया में पुराना और लंबा अनुभव रहा है. वे स्कूल गेम फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) के राष्ट्रीय क्रिकेट अंपायर हैं. वे अब तक श्रीनगर, इंदौर, मुंबई, ग्वालियर, हैदराबाद, गुजरात और मंदसौर जैसे देश के कई बड़े शहरों में अंपायरिंग और कॉमेंट्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. इसके अलावा उन्हें दुबई में आयोजित इंडियन जूनियर प्रीमियर लीग में कोच के तौर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का भी गौरव प्राप्त है. खेल के साथ-साथ हरीश एक कवि, मंच संचालक और रंगमंच के कलाकार भी हैं, जो अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से भी सक्रिय रहते हैं.
चयन पर हरीश ने जताई खुशी, कहा- खिलाड़ियों के प्रदर्शन को अपनी बोली में पिरोना गर्व की बात
अपनी इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए हरीश देवांगन ने कहा कि एक खिलाड़ी के मैदान पर किए गए प्रदर्शन को सही और सटीक शब्दों में पिरोकर खेल प्रेमियों तक पहुंचाना हर कॉमेंटेटर का मुख्य कर्तव्य होता है. उन्होंने कहा कि क्रिकेट संघ ने उन्हें छत्तीसगढ़ की इस ‘गुरतुर’ (मीठी) बोली को जन-जन तक पहुंचाने का जो जिम्मा सौंपा है, उससे वे बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. हरीश ने भरोसा जताया है कि वे अपनी इस नई जिम्मेदारी को पूरी शिद्दत से निभाएंगे और खेल प्रेमियों की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे.



