
Korba Bango Dam Incident VIDEO: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित मिनीमाता बांगो बांध पर एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। अपने दोस्तों के साथ घूमने आए 24 वर्षीय रंजीत यादव ने बांध के गहरे पानी में छलांग लगा दी। बताया जा रहा है कि दोस्तों के बीच बांध में कूदकर आगे तक तैरकर निकलने की शर्त लगी थी। इसी चुनौती के चक्कर में रंजीत ने बिना सोचे-समझे पानी में छलांग लगा दी, जिसके बाद वह गहरे पानी में ओझल हो गया। घटना को 48 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन युवक का अब तक कुछ पता नहीं चल सका है।

घटना का सीसीटीवी फुटेज आया सामने, हरकत में आई पुलिस
Minimata Bango Dam Viral Video: हादसे से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें युवक बांध के ऊंचे हिस्से से पानी में छलांग लगाता हुआ दिखाई दे रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही कटघोरा पुलिस और जिला नगर सेना की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से बांध के आसपास के इलाकों में तलाशी शुरू की गई। पानी के अत्यधिक गहराई और तेज बहाव के कारण तलाशी अभियान में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अंधेरा और तेज बहाव बना बाधा, बुलाई गई NDRF की टीम
Minimata Bango Dam Korba: घटना वाले दिन शाम तक नगर सेना की टीम ने पानी में खोजबीन की, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला। रात में अंधेरा गहराने और पानी का बहाव तेज होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। इसके बाद सोमवार की सुबह राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ (NDRF) की विशेष टीम को मौके पर बुलाया गया। एनडीआरएफ के गोताखोर आधुनिक उपकरणों और बोट की मदद से बांध के डूब क्षेत्र में लगातार सर्चिंग कर रहे हैं।

ऊपरी इलाकों में भारी बारिश से बांगो बांध का जलस्तर 94 प्रतिशत पहुंचा
कोरबा जिले के पड़ोसी क्षेत्रों कोरिया और सूरजपुर में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश का सीधा असर बांगो बांध के जलस्तर पर पड़ा है। बांध में पानी की आवक तेजी से बढ़ने के कारण इसका जलस्तर क्षमता के 94 प्रतिशत तक पहुंच गया है। बांध की सुरक्षा और जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को स्पिलवे के गेट खोलने पड़े हैं।
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बांध के खोले गए 9 गेट, टरबाइन समेत 41,080 क्यूसेक पानी छोड़ा गया
युवक की तलाश के बीच ही जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने बांगो बांध का गेट नंबर 2 भी खोल दिया। वर्तमान में बांध के कुल 9 गेटों को खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। टरबाइन और स्पिलवे को मिलाकर कुल 41,080 क्यूसेक पानी नदी में डिस्चार्ज किया जा रहा है। इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण हसदेव नदी और आसपास के नदी-नाले पूरे उफान पर आ गए हैं।
निचले इलाकों और तटीय बस्तियों में मुनादी, घरों में घुसा नदी का पानी
हसदेव नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने तटीय बस्तियों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है। नदी किनारे बसे इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत दी जा रही है। कोरबा शहर के सीतामढ़ी इलाके में हसदेव नदी का पानी किनारे बसे करीब 10 घरों में प्रवेश कर गया है। स्थिति को देखते हुए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में शिफ्ट किया जा रहा है।



