
Lotte Choco Pie Banned in CG: छत्तीसगढ़ के जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मशहूर खाद्य उत्पाद ‘लोटे चोको पाई’ के निर्माण और बिक्री पर दुर्ग जिले में तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। प्रयोगशाला परीक्षण में इस उत्पाद के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद विभाग को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले के दुकानदारों और थोक व्यापारियों में खलबली मच गई है।
लैब की जांच रिपोर्ट में असुरक्षित पाया गया खाद्य उत्पाद
Lotte Choco Pie Sample Fail: खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कुछ समय पहले लोटे चोको पाई के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भोपाल स्थित ‘कैली लैब’ भेजे थे। प्रयोगशाला से आई जांच रिपोर्ट में सामने आया कि इस उत्पाद में तय सीमा से काफी अधिक मात्रा में प्रिजर्वेटिव (परिरक्षक) मिलाए गए थे। रासायनिक तत्वों की मात्रा अत्यधिक पाए जाने के कारण खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत इस बैच को जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक और ‘असुरक्षित’ श्रेणी में दर्ज किया गया है।

लोटे चोको पाई के इस विशेष बैच की बिक्री और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध
Durg Food Safety Action: अभिहित अधिकारी जितेंद्र कुमार नेले की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, लोटे चोको पाई के 672 ग्राम वाले पैक, जिसका बैच नंबर NM10DC2 है, की बिक्री, भंडारण और वितरण पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल इसी विशिष्ट बैच में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। इसके अलावा जिले में संबंधित उत्पाद के निर्माण से जुड़ी इकाइयों को भी जांच पूरी होने तक उत्पादन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
बाजार से तुरंत स्टॉक वापस लेने के निर्देश, नियम तोड़ा तो होगी कानूनी कार्रवाई
Durg News: प्रशासन ने जिले के सभी थोक, खुदरा विक्रेताओं और सुपरमार्केट संचालकों को स्पष्ट हिदायत दी है कि वे प्रतिबंधित बैच का स्टॉक तुरंत बाजार और अपनी दुकानों की अलमारियों से हटा लें। कंपनी और वितरकों को यह पूरा स्टॉक बाजार से वापस मंगाने (रिकॉल) के आदेश दिए गए हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि आदेश के बाद भी कोई इस बैच की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की सेहत को लेकर विभाग अलर्ट, जांच अभियान तेज करने की तैयारी
लोटे चोको पाई बच्चों के बीच एक बेहद लोकप्रिय स्नेक है, जिसे वे बड़े चाव से खाते हैं। ऐसे में प्रिजर्वेटिव की मात्रा अधिक होने की बात सामने आने पर अभिभावकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। खाद्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे खरीदारी करते समय पैकेट पर लिखा बैच नंबर जरूर जांचें। आने वाले दिनों में जिले की अन्य किराना दुकानों और बेकरियों पर भी इस तरह के पैक्ड फूड्स के सैंपल जुटाने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा।



