
Kandel School Cobra Rescue: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक बड़ा हादसा टल गया। जिले के कंडेल स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्रयोगशाला में एक अत्यंत विषैला कोबरा सांप मिलने से अफरा-तफरी मच गई। लैब के अंदर अचानक जहरीले सांप को देखकर स्कूल के विद्यार्थियों और शैक्षणिक स्टाफ के बीच हड़कंप मच गया। हालांकि समय रहते स्थानीय सर्पमित्र को इसकी सूचना दी गई, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर सावधानीपूर्वक सांप का रेस्क्यू किया।
स्कूल की लैब में छिपा था 5 फीट लंबा जहरीला कोबरा, बच्चों में मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार कंडेल हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्र जब प्रयोगशाला में प्रवेश कर रहे थे, तभी उनकी नजर कोने में छिपे एक बड़े सांप पर पड़ी। लगभग 5 फीट लंबा यह जहरीला कोबरा लैब के सामान के पीछे बैठा हुआ था। जहरीले सांप की मौजूदगी की खबर जैसे ही पूरे स्कूल परिसर में फैली, बच्चे और शिक्षक डर के मारे कमरों से बाहर निकल आए। सांप को देखकर कुछ समय के लिए स्कूल में पढ़ाई-लिखाई का काम पूरी तरह से ठप हो गया।

सूचना मिलते ही पहुंचे सर्पमित्र सूर्यकांत साहू, सूझबूझ से किया सफल रेस्क्यू
Dhamtari Kandel School News: घटना की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने बिना देर किए स्थानीय सर्पमित्र सूर्यकांत साहू को फोन कर स्थिति की जानकारी दी। सूचना मिलते ही सूर्यकांत साहू रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल स्कूल पहुंचे। उन्होंने बिना किसी हड़बड़ाहट के अपनी विशेषज्ञता का परिचय दिया और लैब के भीतर छिपे खतरनाक कोबरा को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। सर्पमित्र ने सांप को एक पारदर्शी डिब्बे में सुरक्षित बंद किया, जिसके बाद उसे जंगल में छोड़ने की तैयारी की गई।
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कोबरा के डिब्बे में बंद होते ही गूंजे जयकारे, छात्र और शिक्षकों ने ली राहत की सांस
Dhamtari Snake News: जैसे ही सर्पमित्र ने खतरनाक कोबरा को सुरक्षित डिब्बे में कैद किया, वहां एकत्र हुए सैकड़ों बच्चों और शिक्षकों के चेहरे पर राहत की मुस्कान लौट आई। रोमांचक रेस्क्यू ऑपरेशन को देख रहे विद्यार्थियों ने खुशी के मारे भगवान शंकर के जयकारे लगाना शुरू कर दिया। समय रहते सांप के पकड़े जाने से एक बड़ा सम्भावित हादसा टल गया, जिसके बाद स्कूल स्टाफ और स्थानीय ग्रामीणों ने सर्पमित्र का आभार व्यक्त किया।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है सांपों का खतरा, झाड़ियों और परिसरों की सफाई जरूरी
Dhamtari Snake Rescue Update: मानसून और बारिश के दिनों में जलभराव और बिलों में पानी भरने के कारण सांप अक्सर सूखे व सुरक्षित स्थानों की तलाश में रिहायशी इलाकों का रुख करते हैं। ऐसे मौसम में स्कूल, कॉलेज और घरों के आसपास सांपों का निकलना आम बात हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि संस्थानों को अपने परिसरों की नियमित सफाई रखनी चाहिए और झाड़ियों या पुराने कबाड़ को जमने नहीं देना चाहिए, ताकि जहरीले जीवों के छिपने की जगह न बने।

सांप दिखने पर खुद न पकड़ें, तुरंत विशेषज्ञ या हेल्पलाइन को दें सूचना
सर्पमित्र सूर्यकांत साहू और वन्यजीव विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दिनों में किसी भी स्थान पर सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं। सांप को मारने या खुद पकड़ने का प्रयास बिल्कुल न करें, क्योंकि ऐसा करना जानलेवा साबित हो सकता है। किसी भी जहरीले जीव के नजर आने पर तुरंत प्रशिक्षित सर्पमित्रों, वन विभाग या स्थानीय आपातकालीन सेवाओं को सूचित करें ताकि सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।



