
CG Police Bharti Second List: छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती 2023-24 की दूसरी सूची जारी न होने से नाराज अभ्यर्थियों का गुस्सा अब बेकाबू होता नजर आ रहा है। शुक्रवार सुबह 10 बजे कवर्धा जिला मुख्यालय पहुंचे प्रदेशभर के सैकड़ों अभ्यर्थियों ने पूरी रात कलेक्ट्रेट मार्ग पर ही गुजार दी। कड़कड़ाती ठंड और अव्यवस्था के बीच भूखे-प्यासे अभ्यर्थियों ने सड़क को ही अपना बिस्तर बना लिया। इस दौरान बस्तर से आए युवाओं के एक बेहद संवेदनशील बयान ने पूरे प्रशासनिक अमले में हलचल मचा दी है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि दूसरी सूची जारी नहीं की गई, तो उनके पास हथियार उठाने और नक्सली बनने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।

नारायणपुर के अभ्यर्थी ने सुनाई पीड़ा, 2000 पद खाली रहने का किया दावा
CG Police Bharti Protest Kawardha:आंदोलन में शामिल नारायणपुर के एक अभ्यर्थी ने भर्ती प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में शुरू की गई पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में सभी पद नहीं भरे गए हैं और वर्तमान में भी लगभग 1600 से 2000 पद खाली पड़े हैं। बस्तर संभाग के युवाओं ने शारीरिक और लिखित परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया था, इसके बावजूद उनका नाम चयन सूची में नहीं आया। अभ्यर्थी का कहना है कि वे महीनों से दूसरी सूची का इंतजार कर रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई न होने से अब युवाओं के मन में आक्रोश और नकारात्मक मानसिकता पनप रही है।
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कलेक्ट्रेट कूच के दौरान पुलिस ने रोका, रास्ते में ही धरने पर बैठे अभ्यर्थी
Kawardha Police Bharti Protest: शुक्रवार की सुबह प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे अभ्यर्थी हाथों में बैनर, पोस्टर और अपनी मांगों की तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कलेक्ट्रेट मार्ग पर भारी बैरिकेडिंग करके अभ्यर्थियों को रास्ते में ही रोक दिया। इसके विरोध में अभ्यर्थी पीछे हटने के बजाय उसी स्थान पर सड़क पर ही बैठकर अनिश्चितकालीन धरने पर उतर आए।

बच्चों के साथ पहुंचीं महिलाएं, चादर बिछाकर सड़क पर बिताई पूरी रात
दिनभर प्रदर्शन के बाद भी जब स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो अभ्यर्थियों का गुस्सा और बढ़ गया। खाने-पीने का कोई प्रबंध न होने के बावजूद अभ्यर्थी देर रात तक कलेक्ट्रेट मार्ग पर डटे रहे। घर लौटने का विकल्प न होने के कारण कई अभ्यर्थियों ने सड़क पर ही चादरें बिछाकर रात बिताई। प्रदर्शन में कई महिला अभ्यर्थी अपने छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लेकर पहुंची हैं, जो रात भर सड़क पर ही रहने को मजबूर नजर आईं।
गृहमंत्री से मिलने की मांग पर अड़े, हर संभाग में आंदोलन विस्तार की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब यह लड़ाई आर-पार की स्थिति में पहुंच चुकी है। अभ्यर्थियों की मांग है कि राज्य के गृहमंत्री खुद उनसे मुलाकात करें और 1600 से अधिक रिक्त पदों पर दूसरी सूची जारी करने का लिखित आदेश जारी करें। आंदोलनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, वे सड़क से नहीं हटेंगे। यदि सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो इस आंदोलन को राज्य के सभी संभागों में विस्तारित किया जाएगा।

प्रशासन की बनी हुई है नजर, कवर्धा में सुरक्षा व्यवस्था सख्त
अभ्यर्थियों द्वारा हथियार उठाने और नक्सली राह पर जाने जैसी संवेदनशील बातें कहे जाने के बाद कवर्धा जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्ट्रेट मार्ग पर सुरक्षा बल तैनात है और आला अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रशासनिक स्तर पर अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर आंदोलन समाप्त कराने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।



