
LPG e-KYC Update: छत्तीसगढ़ में रसोई गैस सिलिंडर का इस्तेमाल करने वाले लाखों उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार और पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से एलपीजी ई-केवाईसी पूरी कराने की अंतिम तारीख 23 अगस्त से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है। इसके बावजूद राज्य में लगभग 6 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने अब तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है। अब कंपनियों ने ऐसे कनेक्शनों को ब्लॉक करना शुरू कर दिया है, जिससे उपभोक्ताओं को सिलिंडर बुकिंग में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
छत्तीसगढ़ में 70 लाख में से 6 लाख से ज्यादा ई-केवाईसी पेंडिंग
LPG e-KYC Deadline 2026: आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में कुल 70 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं, जिनमें से 6 लाख से अधिक लोगों का वेरिफिकेशन अभी बाकी है। राजधानी रायपुर जिले की बात करें तो यहां एचपीसीएल, बीपीसीएल और इंडेन के करीब सात लाख ग्राहक हैं। इनमें से 30 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराई है। राज्य में इंडेन गैस के ग्राहकों की संख्या सबसे ज्यादा है, इसलिए लंबित ई-केवाईसी वाले मामलों में भी इसी कंपनी के उपभोक्ता सबसे अधिक शामिल हैं।
1 सितंबर से सिलिंडर की बुकिंग और सब्सिडी पर पड़ सकता है असर
CG LPG e-KYC Alert: यदि उपभोक्ता 31 अगस्त की समय सीमा तक अपनी ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं, तो 1 सितंबर से उन्हें व्यावहारिक समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। कंपनियों द्वारा कनेक्शन ब्लॉक किए जाने के बाद ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा बंद हो सकती है। इसके अलावा ई-केवाईसी न होने पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी रुक सकती है, जिससे उपभोक्ताओं को गैर-सब्सिडी दरों पर महंगा सिलिंडर खरीदना पड़ सकता है।
गैस एजेंसी जाकर केवल 2 मिनट में करा सकते हैं वेरिफिकेशन
LPG Cylinder Rate News: एजेंसी संचालकों के अनुसार ई-केवाईसी की प्रक्रिया बेहद आसान है और इसमें मुश्किल से दो मिनट का समय लगता है। उपभोक्ता को अपना पहचान पत्र और गैस पासबुक लेकर संबंधित गैस एजेंसी के दफ्तर जाना होता है। वहां मौजूद कर्मचारी बायोमेट्रिक सत्यापन या फोटो के जरिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा कर देते हैं और गैस कार्ड पर सत्यापन की मुहर लगा दी जाती है।
घर बैठे मोबाइल ऐप के जरिए भी पूरी की जा सकती है प्रक्रिया
LPG e-KYC Deadline 2026: जो लोग समय की कमी या अन्य कारणों से गैस एजेंसी जाने में असमर्थ हैं, वे घर बैठे भी वेरिफिकेशन पूरा कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित पेट्रोलियम कंपनियों (जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम या हिंदुस्तान पेट्रोलियम) के आधिकारिक मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐप में जाकर उपभोक्ता अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और आधार नंबर के माध्यम से ई-केवाईसी प्रक्रिया को खुद भी पूरा कर सकते हैं।



