
Supriya Shrinate Neha Singh Rathore Legal Trouble: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की कुरुद विधानसभा से बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ प्रसारित करने का मामला अब अदालत पहुंच गया है। विधायक अजय चंद्राकर ने धमतरी कोर्ट पहुंचकर कांग्रेस की सोशल मीडिया चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया है। विधायक का भ्रामक जानकारी फैलाकर उनकी और पार्टी की छवि धूमिल करने की नीयत से यह पोस्ट साझा की गई थी।

15 अगस्त का बताकर शेयर किया गया था मार्च का पुराना वीडियो
CG Politics Fake Video Controversy: विवाद की शुरुआत 15 अगस्त को हुई, जब सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर ने अपने सोशल मीडिया खातों पर एक वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में अजय चंद्राकर और अन्य नेता बीजेपी का झंडा फहराते दिख रहे थे। पोस्ट में दावा किया गया था कि स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज की जगह पार्टी का झंडा फहराया गया है। जांच में सामने आया कि यह वीडियो 15 अगस्त का नहीं, बल्कि 22 मार्च 2026 को कुरुद में आयोजित बीजेपी के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का था, जिसे गलत तरीके से स्वतंत्रता दिवस का बताकर वायरल किया गया।

कानूनी कार्रवाई के बाद सुप्रिया श्रीनेत ने हटाई विवादित पोस्ट
मामले में एफआईआर दर्ज होने और कानूनी शिकंजा कसने के बाद सुप्रिया श्रीनेत ने अपने एक्स (ट्विटर) अकाउंट से वह विवादित पोस्ट और वीडियो हटा दिया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया था कि बीजेपी नेता राष्ट्रीय ध्वज का अनादर कर रहे हैं। हालांकि, जब पुलिस ने मामले में नामजद केस दर्ज कर जांच शुरू की, तो संभावित कानूनी उलझनों से बचने के लिए उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से उस सामग्री को पूरी तरह डिलीट कर दिया।
पुलिस ने एडिटेड वीडियो बनाने वाले दो सगे भाइयों को किया गिरफ्तार
इस पूरे मामले में धमतरी की सिटी कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम जिल्दी से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान 25 वर्षीय भुनेश्वर निराला और 32 वर्षीय राकेश निराला के रूप में हुई है। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने वीडियो एडिटिंग ऐप के जरिए पुराने वीडियो में बदलाव किया था और उसमें भ्रामक दावे जोड़कर इंटरनेट पर प्रसारित किया था।

मानहानि याचिका दाखिल होने के बाद अब कोर्ट के फैसले पर नजर
अदालत में मानहानि की याचिका दाखिल करने के बाद अजय चंद्राकर ने साफ किया कि राजनीतिक लाभ के लिए फर्जी वीडियो के जरिए जनप्रतिनिधियों का चरित्र हनन करना सही नहीं है। किसी पुराने वीडियो को भिन्न तिथि एवं संदर्भ के साथ सार्वजनिक रूप से प्रसारित किए जाने से उनके संबंध में गलत धारणा उत्पन्न हो सकती है तथा उनकी सार्वजनिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। इसी को लेकर विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है। विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ तथ्यों की शुद्धता और सार्वजनिक जीवन में उत्तरदायित्व भी महत्वपूर्ण है। किसी भी सामग्री को संदर्भ से अलग प्रस्तुत कर प्रसारित किए जाने की स्थिति में विधिक प्रक्रिया के माध्यम से तथ्य स्पष्ट किए जाने चाहिए।

अब सभी की निगाहें धमतरी कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि मानहानि के इस दावे पर अदालत सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर के खिलाफ क्या रुख अपनाती है और उन्हें क्या समन जारी किए जाते हैं।




