धर्मांतरण विवाद के बीच क्रिश्चियन फोरम का बड़ा फैसला, चर्च के बाहर लगे बोर्ड- चर्च में प्रवेश केवल ईसाइयों को मिलेगा, आए तो खुद जिम्मेदार

Dhamtari Church Entry Notice: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में धर्मांतरण को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच क्रिश्चियन फोरम ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। संगठन ने जिले के चर्चों और मसीही समुदाय से जुड़े परिसरों में गैर-ईसाई लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद धमतरी शहर और आसपास के लगभग 40 प्रमुख स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। इन बोर्डों पर स्पष्ट शब्दों में लिखा गया है कि प्रार्थना स्थलों में केवल ईसाई समुदाय के लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

बोर्ड पर लिखा- स्वेच्छा से आने वाले अपनी जवाबदेही खुद तय करें

Dhamtari Christian Forum Notice Board: चर्च के मुख्य द्वारों और ईसाई परिसरों में लगाए गए इन नोटिस बोर्डों में लिखा गया है कि अगर कोई गैर-ईसाई व्यक्ति अपनी इच्छा से चर्च परिसर में आता है, तो किसी भी प्रकार की स्थिति या घटना के लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा। क्रिश्चियन फोरम का कहना है कि यह कदम बेवजह के विवादों, आरोपों और तनाव की स्थितियों से बचने के लिए उठाया गया है। संगठन के इस रुख के बाद जिले का माहौल और स्थानीय राजनीति गरमा गई है।

300 धर्म परिवर्तन के आवेदनों पर उलझा दावा और प्रशासन का रुख

CG Religion Conversion Dispute Updates: इस पूरे विवाद के पीछे धर्म परिवर्तन के लंबित आवेदनों का मुद्दा मुख्य वजह बताया जा रहा है। क्रिश्चियन फोरम का दावा है कि पिछले डेढ़ साल से लगभग 300 लोगों ने स्वेच्छा से ईसाई धर्म अपनाने के लिए औपचारिक आवेदन दिए हैं, जो जिला प्रशासन के पास प्रक्रियाधीन हैं। दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। प्रशासन का कहना है कि नियमानुसार जांच प्रक्रिया पूरी किए बिना ऐसे आंकड़ों की पुष्टि नहीं की जा सकती।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस स्थिति पर रख रहे नजर

धमतरी जिले में धर्मांतरण के आरोपों को लेकर पूर्व में भी विभिन्न संगठनों के बीच आमने-सामने की स्थिति बन चुकी है। सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला स्थिति पर बारीक नजर बनाए हुए है। प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी से दूर रहने की अपील की गई है। फिलहाल पुलिस की टीम संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा चुकी है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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