
Ambikapur News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो और भाजपा नेता धीरज सिंह के बीच जारी विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। कलाकेंद्र मैदान के पास गाली-गलौज, पीछा करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने भाजपा नेता धीरज सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। घटना के बाद आरोपी नेता को थाने ले जाने पर पुलिस और भाजपा नेताओं के बीच जोरदार हंगामा हुआ।
सोशल मीडिया पर चल रही जुबानी जंग के बाद सड़क पर हुआ आमना-सामना
Ambikapur Controversy: जानकारी के अनुसार, जशपुर जिले के ग्राम इचकेला निवासी आकांक्षा टोप्पो और भाजपा नेता धीरज सिंह के बीच पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ पोस्ट किए जा रहे थे। इसी विवाद के बीच रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे शहर के कलाकेंद्र मैदान के पिछले गेट के पास दोनों का आमना-सामना हो गया। आकांक्षा टोप्पो अपने कैमरामैन दिनेश के साथ कार में मौजूद थीं, तभी यह विवाद भड़क उठा।
कार रोककर गाली-गलौज, धमकी और होटल तक पीछा करने का आरोप
Akanksha Toppo vs Dhiraj Singh: आकांक्षा टोप्पो ने शिकायत में बताया कि धीरज सिंह अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से पहुंचा और कार का शीशा नीचे करवाकर जातिगत शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज व धमकी दी। जब उन्होंने वहां से निकलने की कोशिश की तो कुछ लोगों ने गाड़ी रोकने का प्रयास किया। इसके बाद आकांक्षा जान बचाकर घड़ी चौक स्थित एक निजी होटल में घुसीं, जहां आरोपी पीछा करते हुए पहुंच गया। इसके बाद पीड़िता ने तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी।
कोतवाली थाने में हंगामा, सीएसपी और भाजपा नेताओं के बीच तीखी बहस
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस धीरज सिंह को अपनी गाड़ी में बैठाकर कोतवाली थाने ले आई। भाजपा नेता को पुलिस वाहन में लाए जाने की खबर मिलते ही कई पार्टी पदाधिकारी और समर्थक थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि धीरज सिंह को आरोपी की तरह वाहन में लाना गलत है। टीआई चेंबर में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) राहुल बंसल और भाजपा नेताओं के बीच इस बात को लेकर काफी देर तक तीखी बहस हुई।
BNS की धाराओं और SC /ST एक्ट के तहत मामला दर्ज
पीड़िता आकांक्षा टोप्पो की लिखित शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने भाजपा नेता धीरज सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(1), 78(1) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3-1(आर-एस) के तहत अपराध पंजीकृत कर लिया है। पुलिस का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।
शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज
इस हाईप्रोफाइल विवाद और पुलिस अधिकारियों से हुई बहस के बाद शहर में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। पुलिस ने घटना से जुड़े स्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के दावों, सोशल मीडिया पोस्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष वैधानिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।



