
CG Job Fraud Case: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सरकारी नौकरी लगवाने और मनचाहा ट्रांसफर कराने के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी खुद को प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा का निज सहायक (PA) बताता था। दोनों आरोपी ऊंचे रसूख और बड़े नेताओं से पहचान का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं और कर्मचारियों को अपने जाल में फंसाते थे।
शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर सिविल लाइन पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
Raipur Fraud Arrest: इस पूरे मामले का खुलासा बोस्टो तांडी नाम के व्यक्ति की शिकायत के बाद हुआ। बोस्टो ने सिविल लाइन थाने में आवेदन देकर बताया कि संतराम यादव और आदित्य मोहन पंडा ने उनसे सरकारी नौकरी लगवाने का वादा किया था। बातचीत के दौरान आदित्य ने खुद को गृहमंत्री का PA बताया और काम कराने के एवज में 70,000 रुपये ऐंठ लिए। लंबे समय तक जब नौकरी नहीं लगी और रुपये वापस मांगने पर टालमटोल की जाने लगी, तब पीड़ित ने पुलिस की शरण ली।
बीएनएस की गंभीर धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
Raipur Police Action: शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 319(2), 336(3), 340 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया। इसके बाद पुलिस टीम ने पीड़ित बोस्टो तांडी और अन्य गवाहों से पूछताछ कर सबूत जुटाए और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
कमल विहार और देवपुरी से गिरफ्तार हुए दोनों शातिर आरोपी
साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए आरोपियों में आदित्य मोहन पंडा (23 वर्ष) निवासी कमल विहार रायपुर और संतराम यादव (38 वर्ष) निवासी हिमालया हाइट्स देवपुरी रायपुर शामिल हैं। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में ही दोनों ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया।
15 लोगों से 25 लाख रुपये ऐंठने की बात कबूली
पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपियों ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे अब तक करीब 15 लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। नौकरी लगवाने और शासकीय कर्मचारियों का ट्रांसफर कराने का झांसा देकर उन्होंने करीब 25 लाख रुपये की वसूली की है। आरोपियों ने वसूले गए पैसों को आपस में बांट लिया था।
जांच जारी होने से और भी पीड़ितों के सामने आने की उम्मीद
सिविल लाइन पुलिस दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में आगे और भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। आशंका जताई जा रही है कि ठगी का शिकार हुए कुछ और पीड़ित भी शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंच सकते हैं। पुलिस ठगी की रकम बरामद करने का प्रयास कर रही है।



