
Raipur Telibandha Chowk Politics: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक तेलीबांधा चौक का नाम बदलने की घोषणा के साथ ही प्रदेश में एक नया राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार द्वारा तेलीबांधा चौक को ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में विकसित और नामांकित करने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। साहू समाज के अलावा विपक्षी दल कांग्रेस और स्थानीय क्षेत्रीय संगठनों ने इस कदम को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पहचान और सामाजिक अस्मिता पर हमला करार दिया है।
सीएम साय ने किया था प्रदेश के 38 चौकों के नामकरण का ऐलान
Bhupesh Baghel on Telibandha Chowk: विवाद की शुरुआत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उस घोषणा से हुई, जिसमें उन्होंने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रदेश भर में 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ बनाने का ऐलान किया था। इस सूची में राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक का नाम भी शामिल किया गया। सरकार का तर्क है कि यह चौक जनसेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का प्रतीक बनेगा। हालांकि, इस ऐलान के 24 घंटे के भीतर ही विरोध के सुर मुखर हो गए।
साहू समाज की दोटूक: सामाजिक और व्यापारिक पहचान से समझौता नहीं
Bhupesh Baghel on Telibandha Chowk: सरकार की घोषणा पर सबसे कड़ी आपत्ति साहू समाज की ओर से सामने आई है। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि तेलीबांधा चौक वर्षों से साहू समाज की ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और व्यापारिक पहचान से जुड़ा हुआ स्थान है। समाज के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे किसी भी सूरत में इस ऐतिहासिक नाम को हटने नहीं देंगे। यदि सरकार अपने फैसले को वापस नहीं लेती है, तो समाज के लोग सड़कों पर उतरकर राज्यव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
भूपेश बघेल और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने सरकार को घेरा
Sahu Samaj Protest Raipur: इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर सरकार के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि सरकार को जनहित और विकास के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि ऐतिहासिक चौक-चौराहों के नाम बदलने में समय और संसाधन बर्बाद करने चाहिए। वहीं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने भी इसे छत्तीसगढ़िया अस्मिता और मूल पहचान के साथ खिलवाड़ बताया है।
नाम बदलने की सियासत से शासन-प्रशासन की बढ़ी चिंताएं
Chhattisgarh Politics News: तेलीबांधा चौक को लेकर उठे इस विवाद ने स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ जहां सरकार ‘सेवा संकल्प’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह बदलाव कर रही थी, वहीं दूसरी ओर सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के एकजुट विरोध से कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन की चुनौती खड़ी हो गई है। फिलहाल देखना होगा कि बढ़ते विरोध को देखते हुए राज्य सरकार इस निर्णय पर क्या रुख अपनाती है।



