
CG Teacher Bharti Big Update: छत्तीसगढ़ में 11 और 25 अक्टूबर को होने वाली सहायक शिक्षक व शिक्षक भर्ती परीक्षाओं पर हाई कोर्ट की रोक के बाद अनिश्चितता का माहौल बन गया है। इस बीच प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के एक बयान ने अभ्यर्थियों के बीच नई बहस छेड़ दी है। दुर्ग में मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने दुख जताया कि इस कानूनी अड़चन के कारण कड़ी मेहनत कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के करीब 6 महीने खराब हो गए हैं। उनके इस वक्तव्य के बाद से अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या अब यह परीक्षा 6 महीने बाद आयोजित होगी।
क्या वाकई 6 महीने टल गई परीक्षा? जानिए मंत्री के बयान के पीछे की सच्चाई
CG Teacher Exam Postponed: शिक्षा मंत्री के बयान के बाद परीक्षा के 6 महीने आगे बढ़ने की खबरें सोशल मीडिया पर तैरने लगी हैं। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर शासन या शिक्षा विभाग की तरफ से परीक्षा को 6 महीने टालने का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। मंत्री ने अभ्यर्थियों के समय और मेहनत के नुकसान के संदर्भ में 6 महीने खराब होने की बात कही थी। फिलहाल यह मामला अदालत के विचाराधीन है और अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होनी तय हुई है।
दुर्ग में मीडिया के सामने झलका मंत्री का दर्द: ‘अधर में लटक गया अभ्यर्थियों का भविष्य’
CG Assistant Teacher Exam 2026 Delayed: मीडिया से बात करते हुए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने हाल ही में दिव्यांगजनों के लिए स्पेशल एजुकेटर के पद निकाले थे, जिनमें से 100 पदों में बमुश्किल 65 अभ्यर्थी ही मिल पाए थे। इसके बावजूद जानबूझकर इस भर्ती प्रक्रिया को कोर्ट में घसीटा गया। उन्होंने याचिकाकर्ताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो युवा रात-दिन एक करके तैयारी में जुटे थे, उनका भविष्य अब अनिश्चितता में फंस गया है। मंत्री ने कहा कि सरकार कोर्ट के आदेश का पालन करेगी, लेकिन बाकी परीक्षाओं को जारी रखने के लिए अदालत से गुहार भी लगाएगी।
दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के आरक्षण पर फंसा पेंच, हाई कोर्ट ने जारी किया स्टे
Chhattisgarh High Court Stay Shikshak Bharti: चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने भर्ती विज्ञापन में दिव्यांगों, विशेषकर पूर्णतः दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के लिए तय आरक्षण रोस्टर की विसंगतियों पर सुनवाई करते हुए यह स्टे दिया है। अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि शुद्धिपत्र में दृष्टिबाधित श्रेणी के अभ्यर्थियों को अवसर न देना अनुचित है। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर तीन हफ्ते में जवाब मांगा है और निर्देश दिया है कि सभी पात्र आरक्षित श्रेणियों को आवेदन का अवसर दिए बिना परीक्षा आयोजित न की जाए।



