
Mahila Suraksha Morcha Raipur: राजधानी रायपुर में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों, उत्पीड़न और सुरक्षा के गंभीर मुद्दों को लेकर महिलाओं एवं युवतियों ने सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की। महिला थाना चौक से शुरू होकर यह शांतिपूर्ण मार्च विभिन्न प्रमुख मार्गों से होता हुआ आगे बढ़ा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ-साथ युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर अपनी हिस्सेदारी निभाई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन के सामने अपनी सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े कई कड़े सवाल खड़े किए।

अनोखे नारों और तख्तियों के साथ महिलाओं ने दर्ज कराया विरोध
Raipur Youth and Women March: मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने तख्तियों और नारों के माध्यम से अपना रोष व्यक्त किया। इस बीच “नारी सुरक्षा हमारा अधिकार है, कोई एहसान नहीं” जैसे गंभीर नारों के साथ-साथ “एक कचौरी, दो समोसे, इन मर्दों का क्या भरोसा!” जैसे अनूठे और व्यंग्यपूर्ण नारों ने मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासनिक अमले का विशेष ध्यान आकर्षित किया। शहर की सड़कों पर गूंजे इन तीखे नारों ने प्रदर्शन के दौरान माहौल को पूरी तरह गरमा दिया।

मोतीबाग चौक के पास पुलिस ने रोका, हुई जोरदार नारेबाजी
Raipur Youth and Women March: जैसे ही महिलाओं और युवाओं का यह मार्च मोतीबाग चौक के पास पहुंचा, वहां तैनात भारी पुलिस बल ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कागजी घोषणाओं और भाषणों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जमीन पर ठोस परिणाम दिखने चाहिए।

15 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपकर प्रशासन से की गई जवाबदेही की मांग
Priyanka Upadhyay Puneshwar Lahre Protest: प्रदर्शन के दौरान आयोजकों ने शासन-प्रशासन के समक्ष एक 15 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। इसमें स्कूलों, कॉलेजों, सड़कों, सार्वजनिक परिवहन और कार्यस्थलों पर पूरी तरह सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके अलावा मुफ्त सैनिटरी पैड की उपलब्धता, महिला पुलिस गश्त बढ़ाने, साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने जैसे तमाम महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए।

प्रियंका उपाध्याय और पुनेश्वर लहरे ने उठाए महिलाओं के अधिकार के मुद्दे
Raipur City Women Safety Rally: इस प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिलाओं की सुरक्षा समाज का कोई एहसान नहीं बल्कि उनका मौलिक अधिकार है। प्रियंका उपाध्याय ने कहा कि हर लड़की को बिना किसी डर के घर से बाहर निकलने और सुरक्षित माहौल में जीने की पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। वहीं पुनेश्वर लहरे ने जोर दिया कि महिलाओं के अधिकारों की इस लड़ाई में समाज के युवाओं को भी आगे आना होगा ताकि अपराधियों के मन में डर पैदा हो सके।




