
Gangrel Dam Protest: धमतरी जिले के गंगरेल बांध के डूब प्रभावित परिवारों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले तीन दिनों से पानी के बीच बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आखिरकार अपना जल सत्याग्रह समाप्त कर दिया है। बुधवार शाम प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई सकारात्मक बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। अब प्रभावितों का एक प्रतिनिधिमंडल सीधे मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत कराएगा।
तीन दिन तक चला अनिश्चितकालीन आंदोलन
Dhamtari News: गंगरेल बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले परिवार लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे थे। इसी कड़ी में उन्होंने अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह शुरू किया था। लगातार तीन दिनों तक पानी में रहकर विरोध जताने के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। बुधवार शाम को एसडीएम, एसडीओपी और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों के साथ हुई इस सौहार्दपूर्ण चर्चा के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल अपना धरना समाप्त कर दिया।

2020 के हाईकोर्ट आदेश पर अड़े हैं ग्रामीण
Gangrel Dam Update: यह पूरा विवाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस आदेश से जुड़ा है जो साल 2020 में जारी किया गया था। आंदोलनकारियों का कहना है कि उच्च न्यायालय ने 16 दिसंबर 2020 को एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया था, जिससे विस्थापित परिवारों को न्याय की उम्मीद जगी थी। हालांकि, इतने साल बीत जाने के बाद भी प्रशासनिक सुस्ती के कारण जमीन और विस्थापन से जुड़े मामलों का ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। इसी देरी और प्रशासनिक उदासीनता के चलते ग्रामीणों को एक बार फिर विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा।

अब मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएगी पूरी बात
प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह तय हुआ है कि अब प्रभावित परिवारों का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य के मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। ग्रामीणों का साफ कहना है कि उन्हें अब केवल मौखिक आश्वासनों की नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है। उनकी मुख्य मांग है कि हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए सभी पात्र परिवारों की पारदर्शी जांच हो और नियमानुसार भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाए। अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री के साथ होने वाली इस बैठक पर टिकी हैं।



