CG Custom Milling Policy 2026: धान खरीदी के पहले सरकार ने जारी किए सख्त नियम, हर बोरी पर QR कोड और लेट पर लगेगा भारी जुर्माना, जानें नया नियम

CG Custom Milling Policy 2026: छत्तीसगढ़ में आगामी धान खरीदी और कस्टम मिलिंग की पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने नई कस्टम मिलिंग नीति 2026-27 घोषित कर दी है। पिछले कुछ वर्षों में धान की साइकिलिंग और फर्जीवाड़े से जुड़ी शिकायतों को रोकने के उद्देश्य से इस बार पूरी प्रक्रिया को डिजिटल निगरानी के दायरे में लाया गया है। सरकार के इन सख्त कदमों का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ केवल पंजीकृत किसानों को ही मिले।

धान की हर बोरी पर लगेगा क्यूआर कोड, GPS से होगी वाहनों की ट्रैकिंग

New Rice Milling Rules CG: सरकार द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के तहत इस बार खरीदी केंद्रों पर धान की हर एक बोरी पर क्यूआर कोड चस्पा किया जाएगा। इस तकनीकी पहल के माध्यम से धान के बोरे के उपार्जन केंद्र से लेकर गोदाम और मिल तक पहुंचने की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सकेगी। इसके साथ ही धान का परिवहन करने वाले सभी ट्रकों और ट्रालियों में जीपीएस ट्रैकिंग अनिवार्य कर दी गई है, जिससे रास्ते में माल की हेराफेरी या अवैध डायवर्जन की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

राइस मिलों को उनकी कुल भंडारण क्षमता का मिलेगा पचहत्तर प्रतिशत धान

QR Code On Paddy Bags Chhattisgarh News: कस्टम मिलिंग की प्रक्रिया को अनुशासित रखने के लिए राइस मिलर्स के वास्ते भी नए और कड़े दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। नीति के अनुसार अब किसी भी राइस मिल को उसकी कुल प्रसंस्करण क्षमता का केवल पचहत्तर प्रतिशत धान ही आवंटन के रूप में दिया जाएगा। इस नियम के लागू होने से मिलों पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा और वे सरकार द्वारा तय समय-सीमा के भीतर चावल की आपूर्ति आसानी से पूरी कर सकेंगी।

निर्धारित पचीस कार्य दिवसों के भीतर पूरा करना होगा मिलिंग का कार्य

CG Paddy Procurement 2026 Update: सरकार ने समय पर चावल वापसी सुनिश्चित करने के लिए समयावधि भी तय कर दी है। नए नियमों के अनुसार राइस मिलर्स को धान प्राप्त होने की तिथि से लेकर पचीस कार्य दिवसों के भीतर अपने हिस्से का सारा काम पूरा करना होगा। यदि कोई भी मिलर तय समय के अंदर निर्धारित कार्य पूरा नहीं करता है या नियमों की अनदेखी करता है, तो उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

तय समय पर काम न करने वाले मिलर्स पर लगेगा दस रुपये प्रति क्विंटल जुर्माना

CG Paddy Procurement 2026 Update: नियमों का कड़ाई से पालन करवाने के लिए प्रशासन ने जुर्माने का सख्त प्रावधान भी जोड़ा है। यदि कोई राइस मिलर निर्धारित पचीस दिनों के भीतर काम पूरा करने में असफल रहता है, तो उससे प्रति क्विंटल की दर से दस रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। इस वित्तीय दंड के प्रावधान से मिलों के कामकाज में लापरवाही रुकेगी और समयबद्ध तरीके से कस्टम मिलिंग का कार्य संपन्न हो सकेगा।

बिचौलियों और अवैध साइकिलिंग पर रोक लगने से व्यवस्था में आएगी पारदर्शिता

शासन द्वारा उठाए गए इन डिजिटल और प्रशासनिक कदमों से धान खरीदी के दौरान होने वाली गड़बड़ियों पर लगाम लगेगी। बिचौलियों द्वारा सस्ते धान को खपाने और फर्जीवाड़े के रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पारदर्शी प्रणाली लागू होने से सरकारी खजाने की सुरक्षा होगी और प्रदेश के अन्नदाताओं की मेहनत का एक-एक दाना पूरी तरह सुरक्षित हाथों में रहेगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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