
Vidya Samiksha Kendra Report CG: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से अनुपस्थित रहने और ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न कराने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों पर विभागीय शिकंजा कसने लगा है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) की रिपोर्ट के आधार पर राज्य के 24 जिलों के 326 शिक्षक-कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत संबंधित जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को 15 दिनों के भीतर आरोप पत्र और प्रासंगिक दस्तावेज उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
विद्या समीक्षा केंद्र की रिपोर्ट में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं
CG Education Department Action: स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली की समीक्षा के दौरान कई तरह की अनियमितताएं पाई गईं। वीएसके द्वारा तैयार की गई पहले चरण की रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि कई शिक्षक लंबे समय से शाला से गायब हैं। संचालनालय ने ऑनलाइन हाजिरी न लगाने और बिना सूचना अनुपस्थित रहने को शासकीय आदेशों की अवहेलना और गंभीर अनुशासनहीनता माना है।
रायगढ़ और कांकेर जिले में मिले सबसे ज्यादा गैरहाजिरी के मामले
DPI Order To DEO Chhattisgarh: आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि रायगढ़ जिले में सर्वाधिक 48 शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ ऑनलाइन हाजिरी दर्ज न करने का मामला दर्ज हुआ है। इसके अलावा कांकेर में 41, बिलासपुर में 33, सूरजपुर और कोरिया में 17-17 तथा बलौदाबाजार में 16 मामले दर्ज किए गए हैं। रायपुर और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 15-15 प्रकरण मिले हैं। कुल 326 मामलों में 177 शिक्षक, 99 गैर-शैक्षणिक कर्मचारी और 44 प्रधान पाठक शामिल हैं।
चौबीस जिलों के डीईओ को पंद्रह दिनों के भीतर दस्तावेज भेजने का निर्देश
Chhattisgarh Teacher Online Attendance Issue: लोक शिक्षण संचालनालय ने रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, कांकेर, बस्तर, कबीरधाम, जशपुर, कोरबा और सुरजपुर समेत कुल चौबीस जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को औपचारिक पत्र भेजा है। इस पत्र के माध्यम से निर्देश दिए गए हैं कि चिन्हित लोकसेवकों के खिलाफ आरोप पत्र, अभिकथन, साक्ष्य सूची और अभिलेख सूची तैयार कर निर्धारित पंद्रह दिनों की अवधि के भीतर संचालनालय को प्रेषित की जाए, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।
शाला से अनधिकृत अनुपस्थिति और मेडिकल लीव से जुड़े 182 प्रकरण
प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार कुल मामलों में से 182 प्रकरण सीधे तौर पर बिना पूर्व स्वीकृति के शाला से अनुपस्थित रहने या असाधारण अवकाश से संबंधित हैं। इनमें से कई शिक्षक महीनों से स्कूल नहीं पहुंच रहे थे। इसके अतिरिक्त लगभग 19 मामलों में शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद वीएसके एप पर पंजीयन न कराने या हाजिरी दर्ज करने में घोर लापरवाही बरतने की बात साबित हुई है, जिसे लेकर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है।
तकनीकी समस्याओं और संसाधनों की कमी को लेकर शिक्षकों का अपना पक्ष
दूसरी ओर लगभग 90 मामलों में शिक्षकों और कर्मचारियों ने तकनीकी व्यावहारिक समस्याएं बताई हैं। कुछ कर्मचारियों के पास आज भी कीपैड फोन हैं और वे स्मार्टफोन का उपयोग नहीं करते हैं। इसके अलावा आईफोन में एप इंस्टॉल न होने, पुराने एंड्रॉइड वर्जन, नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या, हैंडसेट खराब होने या गुम जाने जैसे कारण भी सामने आए हैं। विभाग का कहना है कि प्रत्येक मामले की समीक्षा और व्यक्तिगत सुनवाई के बाद ही अंतिम जिम्मेदारी तय की जाएगी।



