
SP Ankita Sharma Firing Case: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा द्वारा विजयादशमी के मौके पर शस्त्र पूजन के दौरान एके-47 से फायरिंग करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और व्यापक आलोचना के बाद पुलिस मुख्यालय यानी पीएचक्यू ने इस मामले का गंभीर संज्ञान लिया है। राजनांदगांव रेंज के आईजी ने स्पष्ट किया है कि विभागीय गरिमा और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पीएचक्यू ने मांगी रिपोर्ट
KJS Dhillon On Ankita Sharma Firing: दशहरे के दिन राजनांदगांव पुलिस लाइन में आयोजित शस्त्र पूजन के दौरान एसपी अंकिता शर्मा का एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में वे साड़ी पहने हुए एके-47 राइफल से कई राउंड गोलियां चलाती नजर आ रही थीं। वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैल गया और इसके बाद हथियारों के संचालन तथा सुरक्षा इंतजामों को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने मामले में जवाब तलब किया है।

पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने आठ बिंदुओं में जताई थी आपत्ति
CG Police Shastra Pujan Controversy: भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने इस वीडियो पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच पर आठ बिंदुओं के माध्यम से तकनीकी और सुरक्षा से जुड़ी खामियों को उजागर किया था। उनका कहना था कि लोडेड हथियार को संभालते समय बेहद सावधानी की जरूरत होती है और सार्वजनिक परिसर में नियमों की अनदेखी से सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने इस मामले में अनुशासनात्मक कदम उठाने की आवश्यकता भी जताई थी।

राजनांदगांव रेंज के आईजी अजय यादव ने दी मामले की आधिकारिक जानकारी
IG Ajay Yadav Statement Rajnandgaon: राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव ने मीडिया को बताया कि पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई हर्ष फायरिंग का मामला संज्ञान में आया है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर नकारात्मक टिप्पणियां सामने आई हैं। आईजी के मुताबिक पुलिस मुख्यालय ने इस घटना को सुरक्षा और विभाग की छवि के दृष्टिकोण से गंभीर मानते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद नियमानुसार आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
देखें वीडियो-
राज्य के कई अन्य जिलों में भी सामने आए पुलिसकर्मियों की फायरिंग के वीडियो
विजयादशमी के पावन पर्व पर केवल राजनांदगांव ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के कई अन्य जिलों में भी पुलिस अधिकारियों द्वारा शस्त्र पूजन के बाद फायरिंग किए जाने के वीडियो प्रसारित हुए थे। इनमें रायपुर कमिश्नर, दुर्ग एसपी, बलौदाबाजार एसपी और सुकमा एसपी सहित अन्य जिलों के पुलिसकर्मियों के नाम भी चर्चा में आए। इन सभी घटनाओं के बाद पुलिस महकमे में हथियारों के इस तरह के प्रदर्शन को लेकर बहस छिड़ गई है।
पूर्व डीजीपी डीएम अवस्थी ने कहा, पहले सिर्फ पूजा होती थी फायरिंग नहीं
छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के समय से ही हथियारों के इस्तेमाल और फायरिंग अभ्यास के लिए एक तयशुदा मैनुअल और ड्रिल रही है। उनके कार्यकाल में पुलिस लाइन में केवल शस्त्रों की पूजा की जाती थी, इस तरह की फायरिंग का चलन नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि फायरिंग की जाती है तो उसके लिए निर्धारित नियमों का पालन होना अनिवार्य है।



