
CG Sarpanch Suspend News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से प्रशासनिक कार्रवाई की एक बड़ी खबर सामने आई है। पाटन अनुविभाग के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अचानकपुर के सरपंच देवानंद साहू को उपमंडलीय दंडाधिकारी यानी एसडीएम नीरनिधि नंदेहा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उतई थाने में आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने सरपंच को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। सरपंच के जेल जाने से गांव के विकास और प्रशासनिक कार्य पूरी तरह ठप हो गए थे, जिसके बाद यह कड़ी कार्रवाई की गई है।
न्यायिक अभिरक्षा के कारण ठप पड़े थे ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कामकाज
Achankpur Durg Panchayat Raj Act Action: ग्राम पंचायत अचानकपुर के सरपंच देवानंद साहू के लंबे समय से जेल में बंद रहने के कारण पंचायत की दैनिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, विकास कार्यों के अनुमोदन और वित्तीय भुगतानों से जुड़ी फाइलें अटक गई थीं। प्रशासनिक कार्यों में आ रहे इस अवरोध को देखते हुए प्रशासन ने पंचायत व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए निलंबन का आदेश जारी किया है।
ग्राम पंचायत के पंचों और जनपद पंचायत ने एसडीएम से की थी शिकायत
Sarpanch Suspend: इस मामले में ग्राम पंचायत अचानकपुर के पंचों ने गोलबंद होकर एसडीएम कार्यालय में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया था। पंचों ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया कि सरपंच के खिलाफ उतई थाने में गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज है और वे जेल में बंद हैं। इसके साथ ही जनपद पंचायत पाटन की ओर से भी पत्र भेजकर सरपंच की अनुपस्थिति के कारण गांव में उत्पन्न हुए प्रशासनिक संकट से अवगत कराया गया था।

छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत हुई दंडात्मक कार्रवाई
पंचों और जनपद पंचायत से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम नीरनिधि नंदेहा ने मामले की समीक्षा की। इसके बाद छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए सरपंच देवानंद साहू को पद से निलंबित कर दिया गया। इस धारा के तहत जनप्रतिनिधि द्वारा अपने पद के दायित्वों का निर्वहन न कर पाने या आपराधिक मामलों में संलिप्त होने पर पद से हटाने या निलंबित करने का स्पष्ट प्रावधान है।
आरोपी सरपंच को दिया गया अपना पक्ष रखने का अंतिम मौका
प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन करते हुए एसडीएम कोर्ट ने निलंबित सरपंच देवानंद साहू के खिलाफ आरोप पत्र गठित किया है। इसके साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया गया है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर जवाब प्रस्तुत न करने या जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
गांव में जल्द चुना जाएगा कार्यवाहक सरपंच, विकास कार्यों को मिलेगी गति
सरपंच के निलंबन के बाद अब ग्राम पंचायत अचानकपुर में स्थानापन्न यानी कार्यवाहक सरपंच के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पंचों की बैठक बुलाकर सर्वसम्मति या मतदान के जरिए नए कार्यवाहक सरपंच का चयन किया जाएगा ताकि गांव के रुके हुए विकास कार्यों को दोबारा शुरू कराया जा सके। इस प्रशासनिक फैसले से गांव के नागरिकों को अपने जरूरी कागजी कामकाज कराने में राहत मिलेगी।
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