CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें किसानों के 6066 करोड़ बकाया पर आंदोलन, अनुकंपा नियुक्ति पर हाईकोर्ट का फैसला, बैगा बच्चों की मौत पर सियासत, कोरबा मासूम हत्याकांड में जुलूस, खाई में गिरी कार, तालाब में किशोर का शव, NCB के छापे, उप संचालक निलंबित, निगम आयुक्त का तबादला और खाद्य विभाग की कार्रवाई समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करें।

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छत्तीसगढ़ के किसानों के 6066 करोड़ रुपए बकाया-भुगतान की मांग

छत्तीसगढ़ के किसानों के बकाया भुगतान को लेकर प्रदेश किसान संघ ने उग्र आंदोलन का ऐलान किया है। किसानों का कुल 6,066 करोड़ रुपए बकाया होने का दावा करते हुए संघ 26 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक ‘किसान भुगतान यात्रा’ निकालेगा। इस दौरान छह जिला मुख्यालयों में जोरदार प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ धान खरीदी के लिए 3,358 रुपए प्रति क्विंटल देने, समर्थन मूल्य की गारंटी का कानून लागू करने और वर्ष 2024-25 व 2025-26 के दौरान घोषित अंतर राशि के कुल बकाया अरबों रुपए का तत्काल भुगतान करने की मांग पुरजोर तरीके से उठाएगा।

अनुकंपा नियुक्ति पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: केवल दूसरे भाई की आपत्ति के आधार पर दावा खारिज नहीं किया जा सकता

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और स्पष्ट फैसला सुनाते हुए भिलाई-चरोदा नगर निगम के उस आदेश को पूरी तरह से निरस्त कर दिया है, जिसके तहत एक आवेदक का दावा महज इसलिए ठुकरा दिया गया था कि उसके परिवार के दूसरे भाई ने उस पर आपत्ति जताई थी। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में यह निर्देश दिया है कि परिवार के किसी अन्य सदस्य की आपसी असहमति या केवल आपत्ति के आधार पर किसी जरूरतमंद पात्र व्यक्ति को अनुकंपा नियुक्ति के कानूनी हक से वंचित नहीं किया जा सकता। उच्च न्यायालय के इस ऐतिहासिक निर्णय से प्रदेश के उन तमाम आश्रितों को बड़ी राहत मिली है जो इस तरह की प्रशासनिक अड़चनों के कारण लंबे समय से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे थे।

बैगा बच्चों की मौत पर गांव पहुँची कांग्रेस की 6 सदस्यीय जांच टीम

कवर्धा जिले के दूरस्थ अंचल स्थित कुमान गांव में 5 आदिवासी (बैगा जनजाति के) बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इसी के मद्देनजर कांग्रेस पार्टी द्वारा गठित एक 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच दल ने सीधे प्रभावित ग्रामीण क्षेत्र का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। जांच टीम ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं और पोषण की कमी के कारण मासूमों की जान गई है, जिस पर सरकार को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।

कोरबा में मासूम से दरिंदगी, आरोपी का निकाला गया जुलूस

कोरबा जिले के रजगामार क्षेत्र में 7 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म और उसके बाद निर्ममता से की गई हत्या के मामले में लोगों का गुस्सा लगातार उफान पर है। पुलिस ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, और जनता के आक्रोश को शांत करने तथा कानून का खौफ दिखाने के लिए आरोपी का घटनास्थल पर जुलूस निकाला गया। इस अमानवीय घटना से पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है, और विभिन्न सामाजिक संगठनों व स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार प्रदर्शन कर आरोपी के लिए जल्द से जल्द फांसी की सजा की मांग की जा रही है।

अनियंत्रित होकर खाई में गिरी कार, एक ही परिवार के 7 लोग घायल

छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर क्षेत्र के अंतर्गत एक दर्दनाक सड़क हादसा उस समय पेश आया जब सफर कर रही एक तेज रफ्तार जायलो गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में वाहन में सवार एक ही परिवार के कुल 7 सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में एक बुजुर्ग महिला की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई थी, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए तुरंत बिलासपुर रेफर कर दिया गया है।

तालाब में मिली 14 वर्षीय किशोर की लाश, ग्रामीण इलाके में फैली सनसनी

छत्तीसगढ़ के एक ग्रामीण अंचल के अंतर्गत आने वाले स्थानीय तालाब से 14 वर्ष के एक किशोर का शव संदिग्ध अवस्था में बरामद किए जाने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। सुबह जब स्थानीय ग्रामीण तालाब की ओर पहुंचे तो उन्होंने शव को तैरते हुए देखा, जिसके बाद तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस थाने को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पानी से बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में ले लिया है और मर्ग कायम कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह दुर्घटना थी, आत्महत्या या फिर इसके पीछे कोई अन्य आपराधिक मामला है।

NCB और खाद्य-औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने 11 मेडिकल स्टोर्स का किया औचक निरीक्षण

नशीली दवाओं के अवैध कारोबार और नियमों की अनदेखी पर लगाम कसने के उद्देश्य से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीमों ने प्रदेशभर में बड़ी कार्रवाई की है। इस विशेष अभियान के तहत कुल 11 मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें कई प्रकार की गंभीर अनियमितताएं, बिना डॉक्टर के पर्चे के दवा बेचना और स्टॉक में गड़बड़ी पाई गई। अनियमिताओं की पुष्टि होने के बाद विभाग ने तत्काल प्रभाव से 4 मेडिकल स्टोर संचालकों को कड़े शब्दों में कारण बताओ (Show-cause) नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

वरिष्ठ अधिकारियों से उलझना पड़ा भारी, उप संचालक हुए निलंबित

एक उच्चस्तरीय आधिकारिक समीक्षा बैठक के दौरान उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई जब एक विभाग के उप संचालक की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तीखी बहस हो गई और वे बैठक में ही उलझ पड़े। शासकीय कामकाज के दौरान अनुशासनहीनता और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने के इस मामले को शासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने और कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित उप संचालक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

सांसद विजय बघेल की लगातार शिकायतों और मांग के बाद निगम आयुक्त का तबादला

भिलाई-चरोदा नगर निगम क्षेत्र में पिछले काफी समय से चल रहे प्रशासनिक गतिरोध और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ तनातनी के बीच बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। स्थानीय सांसद विजय बघेल द्वारा लगातार निगम आयुक्त को हटाए जाने की मांग की जा रही थी और कई स्तरों पर शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इसी राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव के चलते शासन ने आखिरकार निगम आयुक्त का प्रशासनिक तबादला कर उन्हें अन्यत्र पदस्थ कर दिया है, जिसकी राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा है।

त्योहारी सीजन में खाद्य विभाग के ताबड़तोड़ छापे

दीपावली और आगामी त्यौहारी सीजन को देखते हुए प्रदेशभर में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभिन्न जिलों में डेयरियों और मिठाई दुकानों पर मारे गए औचक छापों के दौरान भारी मात्रा में सड़ा हुआ मावा, एक्सपायरी डेट का दूध और बेहद अस्वच्छ एवं गंदी परिस्थितियों में तैयार किया जा रहा पनीर पकड़ा गया। जनस्वास्थ्य से हो रहे इस खिलवाड़ को देखते हुए विभाग ने मौके पर ही सारा दूषित सामान और पनीर जब्त कर उसे जमीन में गड़वाकर पूरी तरह से नष्ट करवा दिया है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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