मध्य प्रदेश से अलग होकर ऐसे हुआ छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना, 26वां स्थापना दिवस पर PM मोदी, CM साय समेत इन दिग्गजों ने दी बधाई, जानिए छत्तीसगढ़ गठन की पूरी कहानी

Foundation Day of Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ राज्य आज एक नवंबर दो हजार छब्बीस को अपना छब्बीसवां स्थापना दिवस मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर पूरे प्रदेश में राज्योत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। नवा रायपुर अटल नगर स्थित राज्योत्सव मैदान में एक से तीन नवंबर तक चलने वाला यह तीन दिवसीय महोत्सव छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, लोककला और परंपराओं का जीवंत केंद्र बनेगा। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रदेश की जनता को हार्दिक बधाई दी है।

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एक नवंबर दो हजार को अस्तित्व में आया था नया राज्य

Chhattisgarh Rajyotsav 2026: जब देश पंद्रह अगस्त उन्नीस सौ सैंतालीस को स्वतंत्र हुआ था, तब मानचित्र पर छत्तीसगढ़ का स्वतंत्र भौगोलिक अस्तित्व नहीं था। मध्य प्रदेश का हिस्सा रहे इस भूभाग को लंबे संघर्ष और क्षेत्रीय विकास की मांग के बाद एक नवंबर दो हजार को अलग राज्य का दर्जा मिला। केंद्र सरकार द्वारा पारित मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम दो हजार के अंतर्गत छत्तीसगढ़ देश का छब्बीसवां राज्य बना था। इस नए गठन से पहले मध्य प्रदेश क्षेत्रफल के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य हुआ करता था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी छत्तीसगढ़ की जनता को बधाई

PM Modi Greetings Chhattisgarh Foundation Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश जारी कर छत्तीसगढ़ के सभी निवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि यह राज्य अपनी विशिष्ट जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और अनूठी लोक परंपराओं के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पुरातात्विक धरोहरें इसकी खास पहचान हैं और यहां के परिवेश का अपनापन हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है।

नक्सलवाद का खात्मा और तेज विकास देख खुशी होती है

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि आज यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता होती है कि नक्सलवाद की जड़ों को समाप्त करते हुए यह राज्य विकास के मार्ग पर बेहद तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां के परिश्रमी और प्रतिभाशाली नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से यह प्रदेश देश की समग्र आर्थिक समृद्धि में लगातार बड़ा योगदान देता रहेगा। प्रधानमंत्री ने कामना की कि यह स्थापना दिवस प्रदेशवासियों के जीवन में कल्याण और उन्नति लेकर आए।

गृह मंत्री अमित शाह ने साझा किया शुभकामना संदेश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। अपने आधिकारिक संदेश में उन्होंने कहा कि समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्राचीन परंपराओं और प्रचुर खनिज संपदा से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ आज नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त होकर विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। गृह मंत्री ने कहा कि मेहनतकश लोग और आतिथ्य सत्कार से भरा यह राज्य विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साझा की राज्य की गौरव गाथा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्योत्सव के अवसर पर अपने संदेश में कहा कि प्रदेश की छब्बीस वर्षों की यह विकास यात्रा करोड़ों नागरिकों के सपनों और संकल्पों की गौरवगाथा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारा राज्य शांति, सुशासन और प्रगति के नए रास्ते तय कर रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी के आशीर्वाद से प्रदेश को निरंतर आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने का संकल्प दोहराया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की प्रदेश की अनूठी पहचान की सराहना

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि प्रकृति की गोद में बसा छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध जनजातीय विरासत और विविधतापूर्ण लोक संस्कृति के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि यहां के मेहनतकश लोगों ने देश की राष्ट्रीय प्रगति में हमेशा महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कामना की कि प्रदेश जनकल्याण और समृद्धि के नए प्रतिमान स्थापित करे।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दी मां दंतेश्वरी से प्रार्थना

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि अतुल्य प्राकृतिक सुंदरता और लोक-संस्कृति की यह धरती देश की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने मां दंतेश्वरी से प्रार्थना की कि छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक पहचान को संजोए रखते हुए शांति और विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

तीन दिनों तक नवा रायपुर में सजेगा राज्योत्सव का रंगारंग मेला

Naya Raipur Rajyotsav 2026: राजधानी रायपुर के पास नवा रायपुर अटल नगर में स्थित राज्योत्सव मैदान में तीन दिनों तक भव्य मेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक कला, नृत्य, संगीत और शिल्प कला का अनूठा प्रदर्शन देखने को मिलेगा। सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा विकास कार्यों और योजनाओं को प्रदर्शित करने वाली झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

स्वतंत्रता के बाद क्षेत्रीय अस्मिता और विकास की मांग

छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने का इतिहास लंबा और संघर्षपूर्ण रहा है। मध्य प्रदेश का हिस्सा रहते हुए इस क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक और आर्थिक उपेक्षा का सामना करना पड़ता था। स्थानीय भाषा, संस्कृति और संसाधनों के न्यायसंगत उपयोग की मांग को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लगातार आवाज उठाई गई थी, जिसके परिणामस्वरूप आखिरकार वर्ष दो हजार में पृथक राज्य का सपना साकार हुआ।

खनिज और प्राकृतिक संसाधनों का एक समृद्ध भंडार

छत्तीसगढ़ राज्य अपनी अपार प्राकृतिक और खनिज संपदा के लिए देश भर में विशेष पहचान रखता है। यहां कोयला, लौह अयस्क, बाक्साइट और चूना पत्थर जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के विशाल भंडार मौजूद हैं। इसके अलावा राज्य का एक बड़ा हिस्सा घने जंगलों से घिरा हुआ है, जो देश के वन संपदा का एक प्रमुख हिस्सा है और यहां के निवासियों की आजीविका का मुख्य आधार भी है।

धान का कटोरा कहे जाने वाले कृषि क्षेत्र की प्रगति

देश के धान के कटोरे के रूप में मशहूर छत्तीसगढ़ में कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियां अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती हैं। राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और धान खरीदी की आधुनिक व्यवस्थाओं से ग्रामीण अंचल में आर्थिक सुदृढ़ता आई है। आज का छत्तीसगढ़ खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहा है।

शांति और सुशासन की दिशा में बढ़ते नए कदम

विगत कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों के मजबूत प्रयासों और प्रशासनिक इच्छाशक्ति के कारण राज्य के अंदरूनी इलाकों में शांति की बहाली तेजी से हुई है। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से दूरदराज के अंचलों तक विकास की किरण पहुंच रही है। छब्बीसवें स्थापना दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ एक विकसित और प्रगतिशील राज्य के रूप में अपनी नई पहचान को और अधिक मजबूत कर रहा है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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