
बालोद: Balod News: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मोखा गाँव के पास से पीछा करते हुए बालोद थाना क्षेत्र के पड़कीभाट बाईपास में महाराष्ट्र पासिंग की एक संदिग्ध क्रेटा कार (MH 04 MA 8035) को पकड़ा है। कार की गहन जाँच के दौरान उसमें नोटों से भरे कई बंडल बरामद किए गए हैं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, कार से जब्त की गई इस नगदी की कुल राशि करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक होने का अंदाजा लगाया जा रहा है, जिसकी गिनती अभी जारी है।
सीट के नीचे गुप्त खांचे में छिपाई गई थी नगदी
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बरामद की गई नगदी को कार में बेहद गोपनीय तरीके से छिपाया गया था। नोटों के बंडलों को कार की सीट के नीचे खास तौर पर बनाए गए गुप्त खांचे में छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने कार चला रहे चालक और उसके एक साथी, दोनों को हिरासत में ले लिया है और उनसे सख्ती से पूछताछ शुरू कर दी है। यह मामला जिले में अब तक की सबसे बड़ी नगदी बरामदगी के रूप में देखा जा रहा है।
रायपुर से महाराष्ट्र ले जाई जा रही थी रकम
प्रारंभिक जाँच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि यह भारी-भरकम रकम रायपुर से महाराष्ट्र ले जाई जा रही थी। कार का पंजीयन भी महाराष्ट्र के ठाणे जिले से संबंधित बताया जा रहा है। इतनी बड़ी नगदी को गुप्त रूप से एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाए जाने के कारण इसके हवाला कारोबार से जुड़े होने की आशंका भी जताई जा रही है। इस कार की बरामदगी के बाद जाँच एजेंसियों में हड़कंप मचा हुआ है।
नोटों की गिनती में जुटी पुलिस और स्टेट बैंक की टीम
फिलहाल बालोद पुलिस और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की टीम संयुक्त रूप से नोटों की गिनती के काम में जुटी हुई है ताकि बरामद हुई राशि की सटीक जानकारी मिल सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रकम दो करोड़ से अधिक है, लेकिन सटीक गिनती और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के बाद ही इस पूरे मामले में कोई बड़ा खुलासा संभव हो पाएगा।
स्रोत और गंतव्य की हो रही है जाँच
सुरक्षा और जाँच एजेंसियाँ अब इस बात पर गहराई से नज़र रखे हुए हैं कि इस भारी नगदी का वास्तविक स्रोत (Source) क्या है और इसे महाराष्ट्र में किस अंतिम गंतव्य (Destination) तक पहुँचाया जाना था। पुलिस का मानना है कि पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ और नोटों की गिनती पूरी होने के बाद ही हवाला रैकेट और रकम के असली मालिक का पता चल सकेगा।



