
US-Israel-Iran War: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में युद्ध के हालात पैदा कर दिए हैं। इस वैश्विक तनाव का असर अब छत्तीसगढ़ के उन परिवारों पर भी दिखने लगा है जिनके सदस्य रोजगार या शिक्षा के सिलसिले में खाड़ी देशों में रह रहे हैं। युद्ध की विभीषण स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने फौरन एक्शन लिया है। राज्य सरकार ने पश्चिम एशिया के अशांत क्षेत्रों में मौजूद छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सुरक्षा और उनकी वतन वापसी में मदद के लिए एक समर्पित नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर दी है। इसके साथ ही आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं ताकि संकट की घड़ी में कोई भी परिवार अकेला महसूस न करे।
छत्तीसगढ़ भवन नई दिल्ली को सौंपी जिम्मेदारी: लेखा अजगल्ले बनीं नोडल अधिकारी
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ भवन की लॉयजन अधिकारी लेखा अजगल्ले को इस पूरे मिशन का नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें विशेष रूप से पश्चिम एशिया क्षेत्र में फंसे छत्तीसगढ़ियों के साथ समन्वय स्थापित करने और उन्हें जरूरी सहायता दिलाने का काम सौंपा गया है। नोडल अधिकारी केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के संपर्क में रहकर वहां के पल-पल के हालातों पर नजर रखेंगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद प्रदेश के किसी भी नागरिक को खाने, रहने या वहां से निकलने में परेशानी न आए।

किसी भी समय कर सकते हैं संपर्क: ये हैं जरूरी हेल्पलाइन नंबर
राज्य सरकार ने नागरिकों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए संपर्क सूत्रों की सूची जारी की है। यदि आपका कोई अपना पश्चिम एशिया में फंसा है और उसे मदद की दरकार है, तो आप सीधे नोडल अधिकारी के मोबाइल नंबर 8349840582 पर फोन कर सकते हैं। इसके अलावा नई दिल्ली कार्यालय के दूरभाष नंबर 011-46156000 और फैक्स नंबर 011-46156030 पर भी जानकारी साझा की जा सकती है। सरकार ने अपील की है कि परिजन घबराएं नहीं और संबंधित अधिकारी को नागरिक का सटीक स्थान और पासपोर्ट विवरण उपलब्ध कराएं ताकि राहत कार्य में तेजी लाई जा सके।
सुरक्षित वतन वापसी की तैयारी: केंद्र के साथ मिलकर काम कर रही साय सरकार
छत्तीसगढ़ सरकार केवल हेल्पलाइन जारी करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संवाद कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जैसे ही केंद्र सरकार की ओर से नागरिकों को एयरलिफ्ट करने या सुरक्षित निकालने का अभियान (इवैक्युएशन) शुरू होगा, छत्तीसगढ़ के नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर सहायता पहुंचाई जाए। राज्य सरकार उन सभी लोगों का डेटाबेस तैयार कर रही है जो वर्तमान में इजरायल, ईरान या आसपास के देशों में मौजूद हैं। प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने को कहा है।
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