
रंगों के त्योहार होली 2026 पर घर जाने वाले मुसाफिरों की भारी भीड़ को देखते हुए रायपुर रेल मंडल ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी के नेतृत्व में 1 मार्च से स्टेशन पर विशेष व्यवस्थाएं लागू कर दी गई हैं। रेलवे ने इस बार न केवल यात्रियों की सुरक्षा, बल्कि उनकी जेब का भी ख्याल रखा है। स्टेशन परिसर में 4500 स्क्वायर फीट का एक विशाल ‘होल्डिंग एरिया’ तैयार किया गया है, ताकि प्लेटफॉर्म पर भगदड़ जैसी स्थिति न बने और यात्री सुकून से अपनी ट्रेन का इंतजार कर सकें।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बना विशाल वेटिंग जोन
होली के दौरान छत्तीसगढ़ से उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा जाने वाली ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं होती। इसी भीड़ को मैनेज करने के लिए रेलवे ने स्टेशन पर 30×150 फीट का एक भव्य होल्डिंग एरिया बनाया है। इस जोन में एक साथ 500 से ज्यादा यात्री बैठ सकते हैं। गर्मी की शुरुआत को देखते हुए यहां एयर कूलर, पर्याप्त रोशनी और ठंडे पेयजल की मुफ्त सुविधा दी गई है। सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर सुगम आवाजाही के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
सिर्फ ₹15 में ‘जनता खाना’ और सस्ता रेल नीर
रेलवे ने कम आय वर्ग के यात्रियों की सुविधा के लिए खान-पान की दरों में भारी कटौती की है। स्टेशन पर अब मात्र ₹15 में ‘जनता खाना’ उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा ₹20 में इकोनॉमी मील और ₹14 में रेल नीर (पानी की बोतल) की व्यवस्था की गई है। वाणिज्य विभाग का कहना है कि त्योहार के समय यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण और सस्ता भोजन उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है, ताकि लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को परेशानी न हो।
यात्रियों की सुविधा के लिए चलेंगी 14 स्पेशल ट्रेनें
कन्फर्म टिकट की मारामारी को देखते हुए रेलवे ने इस सीजन में 14 विशेष गाड़ियां चलाने का निर्णय लिया है। इनमें लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ-साथ दुर्ग-रायगढ़ के बीच चलने वाली पूर्णतः लोकल मेमू ट्रेनें भी शामिल हैं। इन ट्रेनों के संचालन से अनारक्षित श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त कोच लगाने की योजना पर भी काम चल रहा है ताकि कोच के भीतर भीड़ को कम किया जा सके।
इमरजेंसी के लिए ‘ऑन कॉल’ डॉक्टर और एम्बुलेंस तैनात
सुरक्षा और स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी रायपुर रेल मंडल पूरी तरह मुस्तैद है। स्टेशन पर 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा कक्ष (EMR) को सक्रिय रखा गया है, जहां ‘ऑन कॉल’ डॉक्टरों की टीम तैनात रहेगी। किसी भी अनहोनी या मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति के लिए स्टेशन के बाहर एम्बुलेंस को स्टैंडबाय मोड पर रखा गया है। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए बैटरी ऑपरेटेड कार की सेवा निरंतर जारी रहेगी, ताकि उन्हें प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में दिक्कत न हो।
टिकट के लिए नई व्यवस्था: यूटीएस और मोबाइल टिकटिंग शुरू
टिकट काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों को छोटा करने के लिए रेलवे ने अनारक्षित टिकट काउंटर को आरक्षण केंद्र में शिफ्ट कर दिया है। इसके अलावा, टीटीई (TTE) को मोबाइल यूटीएस टिकटिंग की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे यात्री प्लेटफॉर्म पर ही अपना टिकट ले सकेंगे। पूरे स्टेशन परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और अतिरिक्त आरपीएफ (RPF) जवानों के जरिए की जा रही है। ‘रेल मदद’ ऐप के माध्यम से आने वाली शिकायतों का निपटारा वाणिज्य कंट्रोल रूम से तुरंत किया जा रहा है।
लिफ्ट और एस्केलेटर के इस्तेमाल में बरतें सावधानी
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा का स्वयं भी ध्यान रखें। भारी भीड़ के दौरान लिफ्ट और एस्केलेटर का उपयोग करते समय संयम बरतें और रेल नियमों का पालन करें। वाणिज्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि यदि यात्रियों की संख्या में और बढ़ोतरी होती है, तो होल्डिंग एरिया का दायरा और बढ़ा दिया जाएगा। स्टेशन पर अनाउंसमेंट के जरिए यात्रियों को लगातार ट्रेनों की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है।



