
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ आज यानी 6 मार्च, शुक्रवार की सुबह शहर के पुराने और ऐतिहासिक तहसील कार्यालय में अचानक भीषण आग लग गई। सुबह के शांत वातावरण में उठती आग की लपटों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। जैसे ही धुएं का गुबार आसमान में दिखाई दिया, स्थानीय निवासियों और राहगीरों के बीच अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। प्रशासन को तत्काल सूचना दी गई, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया गया।
तड़के सुबह 5 बजे भड़की लपटें, पुरानी इमारत को पहुँचा नुकसान
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की घटना सुबह करीब 5:00 बजे की है। क्योंकि यह तहसील भवन काफी पुराना और ऐतिहासिक है, इसलिए इसकी संरचना में लकड़ी और पुराने निर्माण सामग्री का उपयोग हुआ है, जिसने आग को फैलने में मदद की। आग की लपटें तहसीलदार कार्यालय के मुख्य हिस्से तक पहुँच गई थीं। गनीमत यह रही कि घटना सुबह जल्दी हुई, अन्यथा कार्यालय समय के दौरान होने पर जनहानि की आशंका अधिक हो सकती थी।
महत्वपूर्ण दस्तावेजों को बचाने के लिए शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
आग की भयावहता को देखते हुए जिला प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता सरकारी रिकॉर्ड और महत्वपूर्ण फाइलों को सुरक्षित बचाना था। सूचना मिलते ही अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुँचे और जान जोखिम में डालकर रिकॉर्ड रूम की ओर बढ़े। कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए अलमारियों से फाइलों और दस्तावेजों के बंडल बाहर निकालने शुरू किए। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर था कि सालों पुराने राजस्व रिकॉर्ड और आम जनता से जुड़े दस्तावेज खाक न हो जाएं।
दमकल की कई गाड़ियाँ और सीमेंट संयंत्रों की मदद से पाया गया काबू
आग बुझाने के लिए स्थानीय नगर पालिका के दमकल वाहनों के साथ-साथ जिले में स्थित निजी सीमेंट संयंत्रों (Cement Plants) से भी तत्काल दमकल की गाड़ियाँ बुलाई गईं। आग इतनी भीषण थी कि दमकल कर्मियों को इसे नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई घंटों की कड़ी मेहनत और घेराबंदी के बाद दमकल की टीम आग की लपटों को शांत करने में सफल रही। इस दौरान आसपास के क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी एहतियातन काट दी गई थी।
एसडीएम प्रकाश कोरी का बयान: “रिकॉर्ड रूम पूरी तरह सुरक्षित”
घटनास्थल पर मौजूद एसडीएम (SDM) प्रकाश कोरी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। उन्होंने राहत की खबर देते हुए स्पष्ट किया कि तहसील का रिकॉर्ड रूम पूरी तरह सुरक्षित है। समय रहते महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया था, जिससे किसी भी बड़े सरकारी रिकॉर्ड के नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि, भवन के कुछ हिस्सों और फर्नीचर को क्षति पहुँची है।
आग लगने के कारणों की जांच में जुटा प्रशासन
तहसील कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान में आग कैसे लगी, यह अभी भी एक पहेली बना हुआ है। प्रारंभिक तौर पर कयास लगाए जा रहे हैं कि शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ होगा, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने पूरे परिसर को सील कर दिया है और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही पुरानी इमारतों में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) के पुख्ता इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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