राजिम कुंभ में उमड़ा आस्था का सैलाब: आठवें दिन टूटा भीड़ का रिकॉर्ड, त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़

छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक नगरी राजिम में चल रहे कुंभ कल्प मेले के आठवें दिन रविवार को श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक भीड़ उमड़ी। त्रिवेणी संगम से लेकर नवीन मेला मैदान तक हर तरफ लोगों का हुजूम दिखाई दिया। अवकाश का दिन होने के कारण गरियाबंद, रायपुर और धमतरी सहित आसपास के जिलों से हजारों लोग परिवार सहित पहुंचे। भीड़ का आलम यह था कि मेले के रास्तों और मंदिरों के गलियारों में पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, रविवार को उमड़ी यह भीड़ इस साल के कुंभ के अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है।

महाआरती से गुंजायमान हुआ संगम तट

महानदी के तट पर प्रतिदिन शाम 7 बजे होने वाली भव्य महाआरती इस समय आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बनी हुई है। साध्वी प्रज्ञा दीदी के सानिध्य में होने वाली इस आरती को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग घाटों पर जमा हो रहे हैं। शंखनाद और मंत्रोच्चार के बीच जब नदी की लहरों पर दीपों की रोशनी झिलमिलाती है, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। तीन अलग-अलग सांस्कृतिक मंचों पर छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध गायक अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे मेले का आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ गया है।

सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर पहरा

इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र में 1,000 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को हाई-टेक बनाते हुए पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जा रही है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल मौजूद है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। इसके अलावा धमतरी और रायपुर प्रशासन द्वारा लगाए गए शासकीय स्टॉलों के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है।

मीना बाजार और झूलों का उठा रहे लुत्फ

नवीन मेला मैदान के करीब 8 एकड़ के विशाल क्षेत्र में मीना बाजार सजाया गया है। यहां लगे बड़े-बड़े झूले, मौत का कुआं और वैष्णोदेवी की झांकी बच्चों और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है। रविवार को मीना बाजार में इतनी भीड़ थी कि झूलों के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। मनोरंजन के साथ-साथ यह बाजार स्थानीय छोटे व्यापारियों के लिए भी कमाई का एक बड़ा जरिया बन गया है। शासन द्वारा बनाए गए लक्ष्मण झूला पर भी सैलानी सेल्फी लेते और कुंभ की भव्यता को निहारते नजर आए।

महिला सशक्तिकरण का केंद्र बना सरस मेला

कुंभ कल्प मेले में लगा ‘सरस मेला’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है। ‘बिहान’ समूह से जुड़ी महिलाएं अपने हाथों से तैयार शुद्ध मसाले, हस्तशिल्प और सजावटी सामान बेच रही हैं। श्रद्धालुओं द्वारा इन स्थानीय उत्पादों की जमकर खरीदारी की जा रही है। यह मंच न केवल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित भी कर रहा है। यहां होने वाला करोड़ों का कारोबार स्थानीय समूहों के लिए आर्थिक मजबूती की नई राह खोल रहा है।

आगामी शाही स्नान की तैयारियां तेज

मेला अभी कई और दिनों तक चलेगा और आने वाले प्रमुख स्नान पर्वों पर भीड़ और ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है। इसे देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने का फैसला लिया है। वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए नए रूट प्लान पर काम किया जा रहा है ताकि मुख्य स्नान की तिथियों पर जाम की स्थिति न बने। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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