
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के हाई-प्रोफाइल इलाके विधायक कॉलोनी में बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। भारतीय वायुसेना (IAF) के विंग कमांडर विपुल यादव ने अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे और एयरफोर्स के गलियारों में हड़कंप मच गया। 39 वर्षीय विपुल यादव वर्तमान में रायपुर में तैनात थे और अपनी सुव्यवस्थित कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, हालांकि अब तक इस आत्मघाती कदम के पीछे की ठोस वजह सामने नहीं आ पाई है।
विधायक कॉलोनी के बंगला नंबर-79 में वारदात: घर पर अकेले थे विंग कमांडर
यह पूरी घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र के पुरैना स्थित विधायक कॉलोनी की है। विपुल यादव यहां बंगला नंबर-79 में अपने परिवार के साथ रहते थे। बुधवार सुबह जब घर के भीतर उनका शव फंदे से लटका पाया गया, तो हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि जिस समय उन्होंने यह कदम उठाया, उनकी पत्नी घर पर मौजूद नहीं थीं। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और एयरफोर्स के आला अफसर मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं ताकि मौत की गुत्थी सुलझाई जा सके।
हरियाणा के रहने वाले थे विपुल यादव: पत्नी दिल्ली और बच्चे घर पर थे
विंग कमांडर विपुल यादव मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। जानकारी के मुताबिक उनकी पत्नी भी पूर्व में एयरफोर्स में अधिकारी रह चुकी हैं और वर्तमान में एक आईटी कंपनी में कार्यरत हैं। घटना के समय उनकी पत्नी किसी निजी काम से दिल्ली गई हुई थीं। जिस वक्त विपुल यादव ने फांसी लगाई, उनके दोनों बच्चे दूसरे कमरे में सो रहे थे। जब परिजनों को इस अनहोनी का पता चला, तो आनन-फानन में पुलिस को सूचित किया गया।
2014 में हुई थी लव मैरिज: निजी और प्रोफेशनल लाइफ की पड़ताल
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि विपुल यादव और उनकी पत्नी का विवाह साल 2014 में प्रेम विवाह (लव मैरिज) के जरिए हुआ था। दोनों का करियर काफी सफल रहा है, ऐसे में अचानक उठाए गए इस कदम ने सबको चौंका दिया है। पुलिस अब विंग कमांडर के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और उनके पिछले कुछ दिनों के व्यवहार की पड़ताल कर रही है। क्या वे किसी मानसिक तनाव या कार्यस्थल के दबाव में थे, इस पहलू पर भी वायुसेना के अधिकारियों से चर्चा की जा रही है।
सुसाइड नोट का इंतजार: पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
पुलिस को अब तक घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मेकाहारा अस्पताल भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही समय और तकनीकी कारणों का पता चल पाएगा। तेलीबांधा पुलिस ने मामला दर्ज कर परिजनों और करीबियों के बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है। एयरफोर्स की अपनी आंतरिक जांच टीम भी इस मामले में पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर काम कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि देश सेवा में समर्पित एक अधिकारी को इस मोड़ तक क्यों आना पड़ा।
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