
Who Is Ajinkya Shinde: भारतीय निर्वाचन आयोग में कथित गड़बड़ियों, मतदाता सूची में पारदर्शिता और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन लगातार चर्चा में बना हुआ है। दिल्ली में प्रदर्शन से पहले ही सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को विमान के भीतर ही हिरासत में ले लिया गया। अपनी गिरफ्तारी से ठीक पहले अभिजीत दीपके ने एक वीडियो जारी कर अपनी गैरमौजूदगी में सीजेपी आंदोलन की पूरी कमान युवा नेता अजिंक्य शिंदे को सौंपने की घोषणा की है। इस घटनाक्रम के बाद से हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर अजिंक्य शिंदे कौन हैं और उनकी पृष्ठभूमि क्या है।

कंप्यूटर इंजीनियर से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता तक का सफर
Ajinkya Shinde CJP Leader Profile: अजिंक्य शिंदे मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर जिले के उजनी गांव के रहने वाले हैं और पेशे से एक कंप्यूटर इंजीनियर हैं। उन्होंने अपनी तकनीकी शिक्षा रायगढ़ जिले के लोणेरे स्थित प्रतिष्ठित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DBATU) से कंप्यूटर साइंस में पूरी की है। एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले अजिंक्य के पिता किसान हैं और उनकी मां गृहिणी हैं। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय तक पुणे में आईटी सेक्टर में अपनी सेवाएं दीं, जिसके बाद उनका झुकाव सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों की ओर हो गया और वे आम आदमी पार्टी से जुड़ गए।

कोविड के बाद गांव वापसी और दूध उत्पादक किसानों के लिए बड़ा कदम
CJP Protest Leadership Update: कोरोना महामारी के बाद अजिंक्य अपने गृहग्राम उजनी वापस लौट आए थे। गांव लौटने के बाद उन्होंने वहां के छोटे दूध उत्पादक किसानों को एकजुट किया और एक स्थानीय दूध संग्रह केंद्र की शुरुआत की। उनके इस प्रयास से गांव में ‘बासुंदी’ का एक स्थानीय ब्रांड भी तैयार किया गया, जो लातूर के अलावा सोलापुर, धाराशिव और आसपास के जिलों के बाजारों में भी लोकप्रिय हुआ। इस अभिनव पहल से स्थानीय किसानों को उनके दूध का बेहतर और उचित दाम मिलने लगा तथा ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुले।
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान और सीजेपी में उनकी सक्रिय भूमिका
Who Is CJP New Leader Ajinkya Shinde: देशभर के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए सीजेपी द्वारा चलाए गए बहुचर्चित ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान में भी अजिंक्य शिंदे ने मुख्य भूमिका निभाई थी। वे शुरुआत से ही कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं और पार्टी की कोर टीम के अहम सदस्य हैं। इसी वर्ष अगस्त महीने में उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय संगठन प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके अलावा पिछले हफ्ते मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में चुनाव आयोग के खिलाफ हुए बड़े प्रदर्शन के सफल आयोजन में भी उनकी रणनीतिक भूमिका रही थी।

‘हम आधी लड़ाई जीत चुके हैं’ – आंदोलन की कमान संभालते ही अजिंक्य का बयान
Ajinkya Shinde Profile News: आंदोलन की कमान अपने हाथों में लेने के बाद अजिंक्य शिंदे ने एक प्रेस नोट जारी कर सरकार की पाबंदियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर रही है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सत्ताधारी दल घबराए हुए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की इन तमाम बाधाओं से साफ है कि हम अपनी आधी लड़ाई पहले ही जीत चुके हैं। शिंदे ने देश के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें और रास्ते में रोके जाने पर वहीं से अपना आंदोलन शुरू कर दें।




