Dhamtari Gangrel Dam: इस वजह से खोले गए गंगरेल बांध के सभी 14 गेट, 2 गेट से रुद्री बराज में छोड़ा जा रहा है पानी

धमतरी: Dhamtari Gangrel Dam: प्रदेश का सबसे बड़ा पंडित रविशंकर जलाशय (गंगरेल बांध) सोमवार को चर्चा में रहा, जब इसके सभी 14 गेट परीक्षण के लिए खोले गए। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह एक नियमित प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य आपातकालीन हालात में गेट संचालन की तत्परता की जांच करना है।

5 मिनट तक खुले रहे सभी गेट

जानकारी के अनुसार, सभी 14 गेटों को करीब पांच मिनट के लिए खोला गया। परीक्षण पूरा होने के बाद 12 गेट बंद कर दिए गए जबकि शेष 2 गेट से नियंत्रित ढंग से पानी रुद्री बराज की ओर छोड़ा जा रहा है।

सुरक्षा और तकनीकी जांच

अधिकारियों ने बताया कि परीक्षण के दौरान गेट संचालन, मशीनरी और उपकरणों की पूरी तकनीकी जांच की गई। सभी सिस्टम को सही पाया गया। उनका कहना है कि इस तरह की कार्यवाही समय-समय पर जरूरी है, ताकि बांध की सुरक्षा और जल प्रबंधन व्यवस्था प्रभावित न हो।

क्यों है गंगरेल बांध महत्वपूर्ण

गंगरेल बांध धमतरी जिले ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए अहम है।

  • यह सिंचाई और पेयजल आपूर्ति का बड़ा स्रोत है।
  • यहां से बिजली उत्पादन भी किया जाता है।
  • साथ ही मत्स्य पालन के लिहाज से भी यह जलाशय महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ परीक्षण कार्यवाही थी और जलाशय की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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