
छत्तीसगढ़ पुलिस में 5967 पदों पर होने वाली आरक्षक भर्ती को लेकर विवाद गहरा गया है। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने भर्ती प्रक्रिया में धांधली और अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए हैं। अपनी मांगों और शिकायतों को लेकर रविवार सुबह सैकड़ों अभ्यर्थी राजधानी रायपुर स्थित गृह मंत्री विजय शर्मा के निवास पहुंचे। अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया के दौरान कई स्तरों पर लापरवाही बरती गई है, जिससे मेहनत करने वाले योग्य उम्मीदवार चयन सूची से बाहर हो रहे हैं। राजधानी में इस विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस मुख्यालय से लेकर मंत्रालय तक हड़कंप मच गया है।
सितंबर 2023 से चल रही भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
पुलिस विभाग ने सितंबर 2023 में आरक्षक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिसमें प्रदेश भर से लाखों युवाओं ने आवेदन किया था। शारीरिक दक्षता परीक्षा और लिखित परीक्षा के बाद से ही आरक्षक भर्ती चयन के पैमानों को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए थे। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर भर्ती से जुड़े कई कथित सबूत और शिकायतें तेजी से वायरल हो रही हैं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि अंकों की गणना और दस्तावेजों के सत्यापन में पारदर्शिता की कमी रही है, जिसके कारण यह मामला अब सड़क से लेकर सरकार के दरवाजे तक पहुंच गया है।
गृह मंत्री ने खुद संभाली कमान, अभ्यर्थियों से सीधी बातचीत
गृह मंत्री विजय शर्मा ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक अनूठी पहल की है। उन्होंने विरोध कर रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों को अपने निवास के अंदर बुलाया और उनसे आमने-सामने चर्चा की। गृह मंत्री सुबह 10 बजे से ही युवाओं की शिकायतें सुन रहे हैं और उनके द्वारा लाए गए दस्तावेजों का बारीकी से अवलोकन कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह संभवतः पहला मौका है जब किसी विभागीय मंत्री ने खुद अधिकारियों की मौजूदगी में सीधे शिकायतकर्ताओं को बिठाकर घंटों उनकी समस्याएं सुनी हों। इस कदम को युवाओं के बीच सरकार की छवि सुधारने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
जांच का आश्वासन और अधिकारियों को सख्त निर्देश
सरकार की ओर से गृह मंत्री ने अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया है कि किसी भी योग्य उम्मीदवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच करने और भर्ती प्रक्रिया के हर पहलू की दोबारा समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि भर्ती में कहीं भी भ्रष्टाचार या तकनीकी त्रुटि पाई जाती है, तो उस पर तत्काल सुधार किया जाएगा। फिलहाल अभ्यर्थियों ने अपने ज्ञापन सौंप दिए हैं और सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं ताकि उनकी मेहनत का सही परिणाम मिल सके।



