कांकेर जिला का आमाबेड़ा इलाका छावनी में तब्दील: शव दफनाने को लेकर छिड़ा विवाद, भारी तोड़फोड़ के बाद इलाके में लगा कर्फ्यू

कांकेर जिले के आमाबेड़ा और बड़ेतेवड़ा क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। गुरुवार को हुई हिंसा और आगजनी के बाद पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब भीम सेना और आदिवासी समाज के बीच शव दफनाने को लेकर झड़प हो गई। आरोप है कि बुधवार को भीम सेना के हमले में कुछ आदिवासी ग्रामीण घायल हो गए थे, जिसके बाद गुस्सा भड़क उठा। गुरुवार को जब प्रशासन ने नियमों के तहत दफनाया गया शव बाहर निकाला, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने चर्च में तोड़फोड़ कर दी और वहां तैनात पुलिस बल पर भी पथराव शुरू कर दिया। बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को अंततः लाठीचार्ज करना पड़ा।

दहशत के साये में ग्रामीण: बंद रहे बाजार और घरों में दुबके लोग

शुक्रवार को हिंसा प्रभावित इलाकों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। कड़े सुरक्षा इंतजामों के कारण बड़ेतेवड़ा गांव के बाजार पूरी तरह बंद रहे और लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर नहीं निकले। पुलिस की टीमें गलियों में गश्त कर रही हैं और बाहर से आने वाले हर व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। सरपंच के घर और संवेदनशील ठिकानों पर अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है। हिंसा के डर से सामान्य जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है और सड़कों पर केवल सुरक्षाबलों की गाड़ियां ही नजर आ रही हैं।

कलेक्टर और एसएसपी ने संभाला मोर्चा: शांति बनाए रखने की अपील

हालात की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर नीलेश महादेव क्षीरसागर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आई. कल्याण ऐलीसेला ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। शुक्रवार को दोनों आला अधिकारियों ने आमाबेड़ा और बड़ेतेवड़ा का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात जवानों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए और स्थानीय प्रबुद्धजनों से शांति बहाली में सहयोग मांगा। अधिकारियों ने साफ कहा है कि किसी भी सूरत में माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

कानून हाथ में लेने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

जिला प्रशासन ने उपद्रवियों को सख्त चेतावनी दी है कि आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे किसी भी बहकावे में न आएं और शांति व्यवस्था बनाए रखने में शासन का साथ दें।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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