
बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ के चर्चित बलौदाबाजार हिंसा कांड में पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के संस्थापक और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल को पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार किया है। बुधवार को पुलिस उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर रायपुर सेंट्रल जेल से लेकर बलौदाबाजार पहुंची। बता दें कि 10 जून 2024 को कलेक्ट्रेट और एसपी ऑफिस में हुई भीषण आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में अमित बघेल को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट से पूछताछ के लिए वक्त मांगा था, जिस पर अदालत ने दो दिन की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली है।
फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी
बलौदाबाजार एसपी भावना गुप्ता ने बताया कि यह गिरफ्तारी कोई अचानक उठाया गया कदम नहीं है, बल्कि पुख्ता सबूतों के आधार पर की गई है। पुलिस ने घटना के दौरान के करीब 100 से अधिक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, वीडियो फुटेज और पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के बयानों की फॉरेंसिक जांच कराई थी। इन वैज्ञानिक साक्ष्यों में अमित बघेल की संलिप्तता के प्रमाण मिलने के बाद यह एक्शन लिया गया है। इस हिंसा मामले में अब तक 200 से अधिक लोगों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस फिलहाल बघेल से साजिश के मुख्य पहलुओं और अन्य फरार आरोपियों के ठिकानों को लेकर पूछताछ कर रही है।
बघेल ने बताया इसे राजनीतिक षड्यंत्र
कोर्ट परिसर से बाहर निकलते समय अमित बघेल ने अपनी गिरफ्तारी पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने मीडिया से चर्चा में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पूरी तरह से एक राजनीतिक षड्यंत्र है। बघेल का तर्क है कि घटना के करीब 19 महीने बाद पुलिस को उनकी याद आना यह दर्शाता है कि उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वह उस दिन वहां एक सामाजिक कार्यकर्ता के नाते मौजूद थे और आंदोलन का समर्थन कर रहे थे, लेकिन आगजनी और हिंसा में उनका कोई हाथ नहीं था। बघेल ने इस घटना को कांग्रेस और बीजेपी की मिलीभगत का नतीजा करार दिया।
पार्टी ने 2028 चुनाव से जोड़ा मामला
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने इस गिरफ्तारी को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता चंद्रकांत यदु का दावा है कि सरकार अमित बघेल की बढ़ती लोकप्रियता और ‘छत्तीसगढ़ी वाद’ की लहर से डरी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का असल प्लान अमित बघेल को 2028 के विधानसभा चुनाव तक जेल की सलाखों के पीछे रखना है ताकि पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को रोका जा सके। पार्टी का कहना है कि जब बघेल वहां रजिस्ट्री के काम से गए थे, तो उस संबंध को जबरन हिंसा की साजिश से जोड़कर गिरफ्तारी की गई है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और सघन पूछताछ
अमित बघेल की गिरफ्तारी और कोर्ट में पेशी को देखते हुए बलौदाबाजार जिला प्रशासन अलर्ट पर है। कोर्ट परिसर, कोतवाली थाना और पुलिस कंट्रोल रूम के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। वर्तमान में पुलिस अधीक्षक खुद बघेल से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि इस पूछताछ से हिंसा के पीछे छिपे कुछ और बड़े चेहरों का पर्दाफाश हो सकता है। फिलहाल रिमांड के दौरान पुलिस उन कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है जो इस हिंसक आंदोलन की योजना से जुड़ी थीं।



