
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने प्रेस वार्ता कर छत्तीसगढ़ में ₹1.5 लाख करोड़ रुपये के एक कथित वित्तीय घोटाले का सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि यह छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला है, जिसके तहत इतनी बड़ी सार्वजनिक संपत्ति को कॉर्पोरेट कंपनी अर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील के हाथों में सौंपने की साजिश रची जा रही है। जोगी ने आरोप लगाया कि राज्य के संसाधनों को लूटने के लिए तीन राज्यों, तीन केंद्रीय मंत्रालयों और कॉर्पोरेट कंपनी के बीच यह गठजोड़ हुआ है।
‘मोदी की गारंटी, अडानी-मित्तल की एंट्री’ नगरनार निजीकरण की तैयारी
अमित जोगी ने केंद्र सरकार पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने याद दिलाया कि 3 अक्टूबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नगरनार में सार्वजनिक मंच से स्पष्ट रूप से कहा था कि “प्लांट का निजीकरण नहीं होगा”। हालांकि, जोगी ने 29 अक्टूबर 2025 की एनएमडीसी स्टील की वार्षिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि उसमें “विनिवेश जारी” होने की पुष्टि की गई है, जो निजीकरण की तैयारी को दर्शाता है।

नगरनार प्लांट के मुनाफे में हेराफेरी और कोयला आयात घोटाला
जोगी ने नगरनार स्टील प्लांट में वित्तीय हेराफेरी का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में प्लांट को ₹26 करोड़ का लाभ हुआ था, लेकिन अर्सेलरमित्तल डील के बाद दूसरी तिमाही में रहस्यमय घाटा दिखाया गया। इसके अलावा, उन्होंने ₹120 करोड़ के कोयला आयात घोटाले का भी आरोप लगाया, जिसमें छत्तीसगढ़ में पर्याप्त कोयला भंडार होने के बावजूद एक “गैर-मौजूद अमेरिकी कंपनी” को आयात का अनुबंध दिया गया।
लौह अयस्क खदान आवंटन और भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया
अमित जोगी के अनुसार, इस कथित साजिश की शुरुआत 7 फरवरी 2020 को हुई, जब छत्तीसगढ़ सरकार ने 1,845.80 एकड़ जमीन को एनएमडीसी को महज ₹27.69 करोड़ में बेच दी। इसके बाद 2022 में बैलाडिला-4 और बैलाडिला-5 लौह अयस्क खदानें सीधे अर्सेलरमित्तल को आवंटित कर दी गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने भूमि हस्तांतरण और खदान आवंटन को सक्षम बनाया, जबकि आंध्र प्रदेश और ओडिशा सरकारों ने भूमि अधिग्रहण और पारगमन मार्ग (स्लरी पाइपलाइन) उपलब्ध कराए।
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हिस्सेदारी में हेराफेरी: NMDC नियंत्रण खोएगा
जोगी ने नगरनार स्टील प्लांट की हिस्सेदारी में हेराफेरी का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में एनएमडीसी की हिस्सेदारी 60.79% है। जोगी का आरोप है कि प्रस्तावित बिक्री के तहत अर्सेलरमित्तल को 50.79% हिस्सेदारी दी जाएगी, जिससे एनएमडीसी की हिस्सेदारी घटकर सिर्फ 10% रह जाएगी। इससे प्लांट पर अर्सेलरमित्तल का पूर्ण नियंत्रण हो जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार के पर्यावरण, खान और इस्पात मंत्रालयों पर भी नियमों की अनदेखी करने और निजीकरण एजेंडा आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।



