
CG Sharab Dukan Band: छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट में आयोजित होने वाले भव्य महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन ने कड़े सुरक्षा उपाय लागू कर दिए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर अजीत वसंत ने क्षेत्र की शराब दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया है। इसके तहत 13 से 15 फरवरी तक मदिरा की बिक्री, परिवहन और परोसने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन का मकसद महोत्सव के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना है ताकि दूर-दराज से आने वाले पर्यटक और स्थानीय लोग बिना किसी असुविधा के कार्यक्रम का आनंद ले सकें।
तीन दिनों तक रहेगा ‘शुष्क दिवस’ का साया
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की शक्तियों का उपयोग करते हुए मैनपाट क्षेत्र की विदेशी मदिरा दुकानों को पूर्णतः बंद रखा जाएगा। 13, 14 और 15 फरवरी को आधिकारिक तौर पर ‘शुष्क दिवस’ घोषित किया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि इस अवधि में चोरी-छिपे शराब की बिक्री या परिवहन पाया जाता है, तो संबंधितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। स्थानीय पुलिस और आबकारी टीम को इलाके में गश्त बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे महोत्सव का आगाज
‘छत्तीसगढ़ के शिमला’ के नाम से मशहूर मैनपाट में इस तीन दिवसीय महोत्सव का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित इस मेले में राज्य की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए रोपाखार जलाशय के समीप सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और पूरे क्षेत्र को उत्सव के रंग में रंगा गया है।
मेला, बोटिंग और पतंग उत्सव होंगे आकर्षण के केंद्र
महोत्सव के दौरान आने वाले सैलानियों के लिए मनोरंजन के ढेरों विकल्प तैयार किए गए हैं। रोपाखार जलाशय में बोटिंग की सुविधा के साथ-साथ एक विशाल मेले का आयोजन किया जा रहा है, जहां फूड जोन में लजीज व्यंजनों का स्वाद लिया जा सकेगा। इस साल फैंसी पतंग उत्सव और ओपन कुश्ती दंगल प्रतियोगिता को विशेष रूप से शामिल किया गया है, जो स्थानीय युवाओं और पर्यटकों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेंगे। प्रशासन ने इन गतिविधियों के लिए अलग-अलग जोन बनाए हैं ताकि भीड़ को आसानी से नियंत्रित किया जा सके।
सरकारी स्टॉल से मिलेगी विकास कार्यों की जानकारी
महोत्सव स्थल पर केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि ज्ञान और सूचना का भी संगम दिखेगा। विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा यहां विशेष स्टॉल लगाए जा रहे हैं, जिनमें पंचायत, वन, कृषि, स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग शामिल हैं। इन स्टॉल के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और क्षेत्र में हुए विकास कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। हस्तशिल्प विकास बोर्ड और रेशम विभाग के स्टॉल पर स्थानीय कारीगरों के हुनर को भी बाजार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटन को नई ऊंचाइयां देने की बड़ी तैयारी
मैनपाट महोत्सव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाना है। ‘छोटा तिब्बत’ के रूप में विख्यात इस क्षेत्र में हर साल हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। प्रशासन ने इस बार बुनियादी सुविधाओं जैसे पार्किंग, पेयजल और रोशनी की विशेष व्यवस्था की है। तीन दिनों तक चलने वाले इस सांस्कृतिक महाकुंभ के माध्यम से सरकार छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत को पेश करने की कोशिश कर रही है, जिससे भविष्य में मैनपाट एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सके।
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