अयोध्या की दिवाली 2025: आज बनेगा नया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 20 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजन का महासंयोग

अयोध्या: Diwali in Ayodhya: भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में दिवाली का पर्व पूरी दुनिया में अपने भव्य दीपोत्सव के लिए प्रसिद्ध है। इस साल दिवाली की तारीख को लेकर भले ही थोड़ी उलझन हो, लेकिन अयोध्या में यह उत्सव अपनी प्राचीन परंपरा और ज्योतिषीय गणना के अनुसार मनाया जाएगा। अयोध्या में लक्ष्मी पूजन का पर्व 20 अक्टूबर 2025 को शुभ मुहूर्त में मनाया जाएगा, जबकि विश्व प्रसिद्ध दीपोत्सव का भव्य आयोजन 19 अक्टूबर को होगा।

अयोध्या में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

ज्योतिषीय गणना और रामनगरी की परंपरा के अनुसार, अयोध्या में दिवाली पर्व 20 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन अमावस्या तिथि के साथ प्रदोष काल का शुभ संयोग बन रहा है, जिसे लक्ष्मी पूजा के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

विवरणसमय
दिवाली पूजा (लक्ष्मी पूजन) का शुभ मुहूर्त20 अक्टूबर 2025 की शाम 07:16 बजे से रात 08:25 बजे तक
निशिता मुहूर्त (तांत्रिक पूजा के लिए)देर रात 11:46 बजे से 12:37 बजे तक

19 अक्टूबर को दीपोत्सव: 26 लाख दीयों का लक्ष्य

अयोध्या की दिवाली का मुख्य आकर्षण दीपोत्सव है, जो भगवान श्री राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद नगरी लौटने की खुशी में मनाया जाता है।

  • नया वर्ल्ड रिकॉर्ड: इस साल दीपोत्सव का भव्य आयोजन एक दिन पहले, यानी 19 अक्टूबर को किया जाएगा। अयोध्या प्रशासन ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ने का लक्ष्य रखा है। इस बार 26 लाख 11 हजार 101 दीये जलाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने की तैयारी है।
  • भव्य कार्यक्रम: दीपोत्सव की तैयारियाँ 19 अक्टूबर की सुबह से शुरू हो जाएँगी, और शाम 7 बजे से लाखों दीये एक साथ प्रज्वलित किए जाएँगे। इस दौरान सरयू नदी के किनारे भव्य आरती, रामलीला का मंचन, और लेजर लाइट शो के साथ ग्रीन आतिशबाजी भी देखने को मिलेगी।

अयोध्या की दिवाली क्यों है सबसे खास?

अयोध्या को दिवाली पर्व का आध्यात्मिक केंद्र और उद्गम स्थल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान श्री राम लंकापति रावण का वध करके 14 साल बाद अयोध्या लौटे थे, तो यहाँ के लोगों ने उनके स्वागत और खुशी में पूरी नगरी को घी के दीयों से जगमग कर दिया था। कहा जाता है कि तभी से हर साल कार्तिक अमावस्या को दिवाली का पर्व मनाने की परंपरा शुरू हुई। यह दीपोत्सव पूरी दुनिया को शांति, प्रेम और विजय का संदेश देने का एक भव्य और ऐतिहासिक तरीका है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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