
धमतरी: Bageshwar Baba in Dhamtari: बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्त्री सोमवार को धमतरी जिले के गंगरेल स्थित मां अंगारमोती माता के दर्शन के लिए अचानक पहुँचे। कांकेर में अपने कार्यक्रम के बाद रायपुर लौटते समय बाबा के अचानक आने की खबर सुनते ही मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान बाबा ने मंदिर में पूजा-अर्चना की, माता को चुनरी अर्पित की और धर्मांतरण के मुद्दे पर सख्त कानून बनाने की मांग की।

20 मिनट तक की पूजा, लगाया “छत्तीसगढ़ के पागलों” का जयकारा
Pandit Dhirendra Shastri Dhamtari: पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंदिर परिसर में करीब 20 मिनट बिताए। इस दौरान उन्होंने पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और माता का आशीर्वाद लिया। मंदिर के पुजारी तुकाराम मरकाम ने उन्हें माता की चुनरी और पगड़ी भेंट की।

पूजा के बाद, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भक्तों के साथ बागेश्वर बाबा की जय और अंगारमोती माता की जय के जयकारे लगाए। इसी बीच उन्होंने एक अनोखा नारा भी लगवाया: “छत्तीसगढ़ के पागलों की जय हो।” बाबा के आते ही मौजूद लोगों में उनके साथ सेल्फी लेने और वीडियो बनाने की होड़ मच गई।
“धर्मांतरण देश की सबसे बड़ी बीमारी, कठोर कानून चाहिए”
Bageshwar Baba: मंदिर परिसर में चर्चा के दौरान बागेश्वर बाबा ने धर्मांतरण के मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण देश की सबसे बड़ी बीमारी है और इसे रोकने के लिए कठोर कानून बनना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि किसी के रोकने से धर्मांतरण नहीं रुक सकता है, जब तक हमारे हिंदू ही स्व-जागृत नहीं होंगे, तब तक यह संभव नहीं है।
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धर्मांतरण रोकने के लिए उन्होंने हिंदुओं से जातिगत भेदभाव मिटाकर पिछड़े हिंदुओं को गले लगाने और उन्हें आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। हिंदू राष्ट्र के संबंध में उन्होंने कहा कि वे प्रयत्न कर रहे हैं, फल देना भगवान का काम है।

रायपुर में था कथा का आयोजन
ज्ञात हो कि धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों छत्तीसगढ़ के प्रवास पर हैं। उन्होंने 4 से 8 अक्टूबर तक रायपुर के गुढ़ियारी में कथा का आयोजन किया था। 9 अक्टूबर की सुबह वे कांकेर के भुवनेश्वरी मंदिर दर्शन के लिए निकले थे, और वापसी में अंगारमोती माता के दर्शन कर रायपुर के लिए रवाना हुए। इस दौरान उनके साथ आयोजक बसंत अग्रवाल और अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।



