बस्तर बाढ़ अपडेट: चार जिलों में तबाही, 43 राहत शिविरों में 2,196 लोग सुरक्षित; मुख्यमंत्री साय ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश

Flood Relief Camps Bastar: रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में भारी बारिश के चलते हालात बिगड़ गए हैं। बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर जिलों में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संबंधित जिलों के प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि जनता की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है और प्रभावित परिवारों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम करे।

43 राहत शिविरों में शरण ले चुके हैं 2,196 लोग

Bastar Flood: बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए राज्य सरकार ने 4 जिलों में कुल 43 राहत शिविर बनाए हैं। इनमें दंतेवाड़ा जिले से 1,116, सुकमा से 790, बीजापुर से 120 और बस्तर जिले से 170 लोग रह रहे हैं। यानी कुल 2,196 बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुँचाया गया है। शिविरों में भोजन, दवा और जरूरी सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

बारिश ने तोड़े रिकॉर्ड, कई गांव जलमग्न

26 और 27 अगस्त को हुई मूसलधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दंतेवाड़ा जिले में दो दिनों में क्रमशः 93.7 मिमी और 118.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि बस्तर में 67.3 मिमी से लेकर 121.3 मिमी तक पानी बरसा। बीजापुर और सुकमा जिले भी भारी बारिश की चपेट में रहे। अब तक 25 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।

5 लोगों की मौत, 165 घर आंशिक रूप से टूटे

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ से अब तक 5 लोगों की जान जा चुकी है, वहीं 17 पशु हताहत हुए हैं। मकानों की बात करें तो 165 घर आंशिक रूप से और 86 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हालात को काबू में लाने के लिए नगर सेना और एसडीआरएफ की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।

सीएम साय ने दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राहत शिविरों में सुविधाएं सुनिश्चित करने, गांवों तक मदद पहुँचाने और नियंत्रण कक्षों से निगरानी बनाए रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा, “प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता दी जाए और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता पर लिया जाए। प्रशासन हर जरूरतमंद तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाए।”

‘आपदा मित्र’ कर रहे हैं ज़मीन पर मदद

सुकमा जिले में ‘आपदा मित्र’ जैसे स्थानीय स्वयंसेवी, जिला प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों में हाथ बंटा रहे हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग लगातार जिलों से संपर्क में है और ज़रूरी मदद पहुंचाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने जताई संवेदना, की जनता से अपील

मुख्यमंत्री साय ने बाढ़ से हुई जनहानि पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता और पुनर्वास जल्द मिलेगा। साथ ही नागरिकों से अपील की कि प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और ज़रूरत पड़ने पर स्थानीय कंट्रोल रूम से संपर्क करें। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रशासन और आम जनता के सहयोग से इस संकट पर जल्दी काबू पाया जाएगा और बस्तर संभाग के प्रभावित इलाकों में जल्द ही सामान्य जीवन बहाल होगा। बस्तर में हालात अभी भी गंभीर हैं। मगर राहत शिविरों, प्रशासनिक मुस्तैदी और ज़मीनी मदद से तस्वीर सुधरने की उम्मीद है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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