
रायपुर Bastar University Teacher Bharti Scam: बस्तर के शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भर्ती में अनियमितताओं की पुष्टि हो गई है। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग को सौंप दी है। चौंकाने वाली बात यह है कि जांच पूरी होने से पहले ही चयनित शिक्षकों ने ज्वाइनिंग दे दी थी। अब रिपोर्ट के आधार पर जिन नियुक्तियों में गड़बड़ी पाई गई है, उन्हें रद्द करने की तैयारी है।

59 पदों पर हुई थी भर्ती
Mahendra Karma University Bastar Bharti Case: विश्वविद्यालय ने 59 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चलाई थी। आरोप लगा कि इसमें यूजीसी के नियमों को दरकिनार किया गया। इस मामले ने विधानसभा में भी जोर पकड़ा था, जिसके बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एडिशनल डायरेक्टर जीके खैरवार की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच समिति गठित करने की घोषणा की थी।
समिति ने दी रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार खैरवार कमेटी ने पखवाड़े पहले ही जांच पूरी कर ली और रिपोर्ट विभाग को भेज दी। हालांकि समिति का गठन आदेश विलंब से जारी हुआ, जिसके चलते जांच रिपोर्ट समय पर नहीं आ सकी। समिति ने विश्वविद्यालय जाकर दस्तावेजों की जांच की और प्रशासन से जवाब भी लिया।
नियमों की अनदेखी पर सवाल
BJP MLA Ajay Chandrakar: विधायक अजय चंद्राकर ने इस भर्ती पर सवाल उठाते हुए कहा था कि चयन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 45, 46, 48 और यहां तक कि 54 साल की उम्र वाले उम्मीदवारों को भी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा उत्तरप्रदेश से 42 साल के व्यक्ति का चयन किया गया, जबकि नियम के अनुसार 40 साल से अधिक उम्र वालों की भर्ती नहीं हो सकती।
विधानसभा में उठा था मुद्दा
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने विधानसभा में यह मामला उठाया था। उन्होंने कहा था कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रही। अब जब जांच रिपोर्ट सामने आ चुकी है, तो विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन शिक्षकों की नियुक्ति रद्द करना है, जिन्होंने पहले ही ज्वाइनिंग दे दी है।



