CG New Industrial Policy: छत्तीसगढ़ में जमीन मालिकों की चमकेगी किस्मत: सरकार की नई औद्योगिक नीति से बनिए बिजनेस पार्टनर

छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने राज्य को औद्योगिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ‘नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30’ का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस क्रांतिकारी फैसले के तहत अब निजी डेवलपर्स और बिल्डर्स को खुद का इंडस्ट्रियल पार्क या प्राइवेट इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने की अनुमति होगी। अब तक उद्योगों के लिए केवल सरकारी जमीन और इंडस्ट्रियल एरिया पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब निजी क्षेत्र की भागीदारी से जमीन की कमी की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।

निवेश और जमीन के लिए तय हुए कड़े मानक

सरकार ने निजी इंडस्ट्रियल पार्टनर बनने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की हैं ताकि केवल गंभीर निवेशक ही इस क्षेत्र में आएं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए डेवलपर के पास कम से कम 15 एकड़ जमीन और 20 करोड़ रुपए का निवेश बजट होना अनिवार्य है। इस जमीन के कुल हिस्से का 60 प्रतिशत उद्योगों के लिए आरक्षित रखना होगा, जबकि शेष 40 प्रतिशत हिस्से पर लेबर क्वार्टर, एटीएम और कमर्शियल स्पेस जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी।

सरकार देगी करोड़ों का अनुदान और टैक्स में छूट

निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए साय सरकार ने भारी-भरकम इंसेंटिव प्लान तैयार किया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने स्पष्ट किया है कि यदि केंद्र सरकार से मिलने वाला अनुदान कम पड़ता है, तो राज्य सरकार उस अंतर की भरपाई करेगी। सरकार द्वारा दी जाने वाली मुख्य राहतें इस प्रकार हैं:

छूट/अनुदान का प्रकारमिलने वाली राहत
स्टांप शुल्क (Stamp Duty)100% पूरी छूट
डायवर्सन शुल्क100% पूरी छूट
जमीन पंजीयन (Registration)50% तक की प्रतिपूर्ति
अधोसंरचना अनुदानलागत का बड़ा हिस्सा सरकार देगी

प्लग एंड प्ले मॉडल से छोटे उद्यमियों को राहत

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल है। इसमें डेवलपर को बिजली, पानी और शेड जैसी तमाम बुनियादी सुविधाएं पहले से तैयार करके देनी होंगी। नए उद्यमियों को केवल अपनी मशीनें लगानी होंगी और वे तुरंत उत्पादन शुरू कर सकेंगे। लघु एवं सहायक उद्योग संघ के अनुसार, यह मॉडल छोटे उद्यमियों के लिए वरदान साबित होगा क्योंकि उन्हें अब जिला मुख्यालयों के पास ही विकसित जमीन उपलब्ध हो पाएगी।

इन 4 शहरों से शुरुआत, पूरे प्रदेश में फैलेगा जाल

योजना का आगाज दुर्ग, राजनांदगांव, नवा रायपुर और जांजगीर-चांपा जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से किया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि इसके लिए प्रदेश के सभी 33 जिलों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी निजी इंडस्ट्रियल पार्कों का जाल बिछाया जाएगा, जिससे राज्य की जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का योगदान बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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