
छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के विवेकानंद उद्यान में स्वामी विवेकानंद चेतना महोत्सव का आयोजन किया जा रहा था। कार्यक्रम में सब कुछ योजना के अनुसार चल रहा था कि तभी अचानक मधुमक्खियों के एक बड़े झुंड ने कार्यक्रम स्थल पर धावा बोल दिया। देखते ही देखते पूरे मैदान में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस अप्रत्याशित हमले ने वहां मौजूद सभी लोगों को चौंका दिया और पूरे आयोजन की व्यवस्था को बिगाड़ दिया।
मंच पर मौजूद थे केंद्रीय मंत्री और बड़ी संख्या में छात्र
इस समारोह में केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के साथ कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं शामिल थे। जैसे ही मधुमक्खियों ने लोगों को काटना शुरू किया, नेताओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच खलबली मच गई। छोटे बच्चे सबसे ज्यादा घबराहट में दिखे और सुरक्षित ठिकानों की तलाश में मैदान में दौड़ने लगे। वीआईपी मेहमानों की मौजूदगी के कारण सुरक्षा एजेंसियां भी तुरंत सक्रिय हो गईं ताकि किसी भी बड़े खतरे को टाला जा सके।
सुरक्षा के मद्देनजर बीच में रोका गया कार्यक्रम
मधुमक्खियों के लगातार बढ़ते प्रकोप ने आयोजकों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। स्थिति को नियंत्रण से बाहर होता देख सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाला और लोगों को शांत रहने की सलाह दी। किसी भी बड़े हादसे या भगदड़ की आशंका को देखते हुए कार्यक्रम को संक्षिप्त करने का कड़ा फैसला लिया गया। प्राथमिकता बच्चों और अतिथियों को उस जगह से सुरक्षित बाहर निकालने की थी क्योंकि मधुमक्खियों का झुंड काफी आक्रामक हो चुका था।
डिप्टी CM के संबोधन के साथ आनन-फानन में समापन
जब यह हमला हुआ तब डिप्टी सीएम के संबोधन का समय था। उन्होंने बिगड़ते हुए हालात और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अपना भाषण बहुत छोटा रखा और तुरंत कार्यक्रम के समापन की घोषणा कर दी। अफरा-तफरी के माहौल के बीच ही जरूरी औपचारिकताओं को पूरा किया गया और लोगों को सुरक्षित तरीके से उद्यान से बाहर भेजा गया। इस सूझबूझ के कारण कार्यक्रम को एक सुरक्षित मोड़ पर खत्म किया जा सका।
राहत की बात रही कि नहीं हुई कोई बड़ी अनहोनी
इस पूरी घटना में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं आई और न ही कोई बड़ा नुकसान हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक सभी स्कूली बच्चे और अतिथि पूरी तरह सुरक्षित हैं। फिलहाल उद्यान में मधुमक्खियों के छत्तों की जांच की जा रही है ताकि दोबारा इस तरह की अव्यवस्था न फैले। प्रशासन ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए आयोजन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने की बात कही है।



