निगम चुनाव में भूपेश और देवेंद्र गुट आमने-सामने, टिकट को लेकर तनातनी तेज, पत्नी को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी में देवेंद्र यादव!

Bhilai Municipal Corporation Election: छत्तीसगढ़ के भिलाई में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस के भीतर अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सतह पर आ गई है। यूथ कांग्रेस चुनावों के बाद अब निकाय चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भिलाई विधायक देवेंद्र यादव के बीच गुटबाजी खुलकर दिखाई देने लगी है। रिसाली, भिलाई और भिलाई-चरौदा नगर निगम में दोनों नेताओं के एक दर्जन से अधिक समर्थकों ने अपनी-अपनी दावेदारी पेश कर दी है, जिससे पार्टी के भीतर सियासी माहौल गरमा गया है।

भिलाई निगम में पत्नी के लिए राह बना रहे देवेंद्र यादव

Chhattisgarh Congress Factionalism: राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भिलाई नगर निगम के महापौर पद के लिए विधायक देवेंद्र यादव अपनी पत्नी के नाम पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। वे अपने प्रभाव क्षेत्र में पत्नी की उम्मीदवारी के लिए संभावनाएं तलाश रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का समर्थन वर्तमान महापौर नीरज पाल को हासिल है। दोनों ही प्रमुख नेता अपने-अपने पसंदीदा चेहरों को चुनावी मैदान में उतारने के लिए पार्टी फोरम में दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

अंदरूनी तनातनी पर भाजपा का तंज, कहा- कांग्रेस को विपक्ष की जरूरत नहीं

CG Political News: कांग्रेस में खुलकर सामने आई इस खींचतान पर भारतीय जनता पार्टी ने तंज कसा है। भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि कांग्रेस के भीतर किसी दूसरे विरोधी दल की जरूरत ही नहीं है क्योंकि गुटबाजी और टांग खिंचाई इस पार्टी के डीएनए में शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का हर बड़ा नेता चुनावों और संगठन के पदों पर केवल अपने करीबी लोगों को बैठाने की कोशिश करता है। जब किसी एक गुट की बात नहीं बनती, तो वे सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लग जाते हैं।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है दावेदारी: महापौर नीरज पाल

Bhilai Local Body Election Update: भूपेश बघेल समर्थित माने जाने वाले भिलाई नगर निगम के महापौर नीरज पाल ने अंदरूनी मतभेदों की खबरों को खारिज किया है। उनका कहना है कि कांग्रेस एक पूरी तरह से लोकतांत्रिक दल है, जहां हर कार्यकर्ता को अपनी बात रखने और दावेदारी करने का अधिकार है। टिकट किसे देना है और किसे क्या जिम्मेदारी सौंपी जानी है, इसका अंतिम निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही तय करता है। चुनाव में प्रत्याशी तय होने के बाद सभी कार्यकर्ता और नेता एकजुट होकर पार्टी उम्मीदवार की जीत के लिए काम करते हैं।

टिकट बंटवारे से पहले गुटबाजी से निपट पाना संगठन के लिए बड़ी चुनौती

भिलाई, रिसाली और चरौदा नगर निगमों में टिकट पाने के लिए भूपेश और देवेंद्र समर्थकों के बीच जारी इस होड़ ने पार्टी संगठन की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर दोनों गुटों के दावेदार अपने-अपने आकाओं के जरिए दबाव बना रहे हैं। चुनाव की तारीखों के करीब आते ही यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी हाईकमान दोनों गुटों के बीच संतुलन कैसे साधता है और टिकट का ऊंट किस करवट बैठता है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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