
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में होली की खुमारी पांच दिन पहले ही देखने को मिली। सदन की कार्यवाही के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पारंपरिक फाग गीत गाकर सरकार पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कवर्धा में चूहों द्वारा करोड़ों रुपये का धान खराब किए जाने के मामले को गीत का हिस्सा बनाया। बघेल ने गाते हुए कहा कि विष्णुदेव साय चूहों को बुलावा दे दें क्योंकि उनके बिना कोई घोटाला संभव नहीं है। इस व्यंग्य को सुनकर सदन की मीडिया गैलरी ठहाकों से गूंज उठी।
भाजपा ने गाने के जरिए ही दिया करारा जवाब
भूपेश बघेल के तंज पर सत्ता पक्ष ने भी उसी अंदाज में पलटवार करने में देर नहीं की। भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कांग्रेस शासनकाल के कथित घोटालों को लेकर जवाबी गीत गाया। उन्होंने छत्तीसगढ़ी में गाते हुए कहा कि अब विष्णुदेव साय का सुशासन आ गया है और घोटाले करने वाले सभी ‘मूसे’ यानी चूहे पकड़े जा रहे हैं। उन्होंने तंज कसा कि भ्रष्टाचार करने वाले अब या तो जेल में हैं या बेल पर बाहर घूम रहे हैं। साथ ही भाजपा विधायक अनुज शर्मा ने विष्णु देव सरकार के विकास के रफ्तार से कांग्रेस में उथल पुथल मचने की बात अपने गीत के माध्यम से कही है।
छत्तीसगढ़ी गीतों में छिपे हैं गहरे राजनीतिक मायने
होली के समय गाए जाने वाले इन फाग गीतों का मतलब बेहद सियासी था। पूर्व मुख्यमंत्री का इशारा कवर्धा की उस घटना की ओर था जहां चूहों के नाम पर धान की बर्बादी दिखाई गई थी। वहीं भाजपा का जवाब शराब और कोयला घोटाले की जांच की ओर संकेत कर रहा था। दोनों ही दलों ने लोक संस्कृति का सहारा लेकर एक-दूसरे की कमियों को उजागर करने की कोशिश की जिससे सदन का माहौल काफी दिलचस्प हो गया।
धान खरीदी के मुद्दे पर विपक्ष का जोरदार हंगामा
गीत-संगीत के दौर के बीच सदन में असली तनाव शून्यकाल के दौरान दिखा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और विधायक उमेश पटेल ने धान खरीदी को लेकर सरकार को घेरा। विपक्ष का आरोप था कि पंजीकृत किसानों से पूरा धान नहीं खरीदा गया और करोड़ों रुपये का भुगतान अब भी बकाया है। बघेल ने अधिकारियों के खेतों में घुसने की कार्रवाई को भी गलत बताते हुए इसे किसानों का अपमान करार दिया।
नारेबाजी के बाद विपक्षी विधायक सदन से निलंबित
जब विपक्षी दल के स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति नहीं मिली तो हंगामा और बढ़ गया। कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन के गर्भगृह यानी वेल तक पहुंच गए। विधानसभा की परंपरा के अनुसार कार्यवाही में बाधा डालने और गर्भगृह में प्रवेश करने के कारण विपक्षी विधायकों को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए प्रभावित हुई और राजनीतिक पारा और चढ़ गया।
प्रदेश की सियासत के केंद्र में अब भी किसान
विधानसभा की इस बहस से साफ है कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज भी धान और किसान सबसे बड़े मुद्दे हैं। विपक्ष जहां भुगतान और खरीदी की खामियों को उजागर कर रहा है वहीं सरकार अपनी व्यवस्थाओं को सुशासन का हिस्सा बता रही है। होली के त्यौहार के बीच इस तरह की बयानबाजी यह संकेत देती है कि आने वाले दिनों में यह चुनावी और राजनीतिक लड़ाई और भी आक्रामक होने वाली है।
क्या है फाग गीत और सदन में इसका महत्व
फाग छत्तीसगढ़ का एक पारंपरिक लोकगीत है जो मुख्य रूप से होली के अवसर पर गाया जाता है। इसमें अक्सर सामाजिक कुरीतियों या समसामयिक घटनाओं पर हल्के-फुल्के अंदाज में व्यंग्य किया जाता है। सदन में इस माध्यम का उपयोग करना यह दर्शाता है कि नेता जनता से जुड़ने के लिए अपनी संस्कृति का बखूबी इस्तेमाल करना जानते हैं। हालांकि इस बार इस व्यंग्य ने राजनीतिक रार को और गहरा कर दिया है।



