बैगा आदिवासियों के मकान का पैसा डकार गए ठेकेदार-अफसर: 21 लाख लेकर हुए फरार, पुलिस ने एक को दबोचा

कबीरधाम जिले के तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र में बैगा आदिवासियों के हक के पैसों पर डाका डालने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत कुकरापानी में बैगा परिवारों के लिए स्वीकृत आवास योजना की राशि लेकर ठेकेदार और तकनीकी सहायक रफूचक्कर हो गए। पंचायत की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि इस साजिश में शामिल तकनीकी सहायक अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

17 परिवारों के सपनों पर फिरा पानी

ट्रायबल एवं बैगा आवास योजना के तहत कुकरापानी पंचायत के 17 परिवारों के लिए शासन ने 21 लाख 50 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की थी। पंचायत सचिव सिद्धराम मसराम ने बताया कि आवास निर्माण का काम शुरू करने के लिए नवंबर 2024 में यह पूरी रकम ठेकेदार छोटूराम चंद्रवंशी और तकनीकी सहायक पवन चंद्रवंशी को सौंप दी गई थी। उम्मीद थी कि जल्द ही आदिवासियों को पक्के मकान मिलेंगे लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी धरातल पर एक ईंट तक नहीं रखी गई।

मिलीभगत से सरकारी रकम का बंदरबांट

पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने योजना की राशि का उपयोग निर्माण सामग्री खरीदने के बजाय निजी कामों में कर लिया। जब पंचायत ने काम की प्रगति रिपोर्ट मांगी तो दोनों बहाने बनाने लगे और फिर अचानक गायब हो गए। सचिव की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी/एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में पता चला है कि सरकारी सिस्टम का हिस्सा होने के बावजूद तकनीकी सहायक ने पद का दुरुपयोग कर इस घोटाले को अंजाम दिया।

ठेकेदार जेल की सलाखों के पीछे

पुलिस ने दबिश देकर ठेकेदार छोटूराम चंद्रवंशी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से कुछ संदिग्ध रसीदें और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पूछताछ में उसने राशि के दुरुपयोग की बात स्वीकार की है। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी ठेकेदार को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं फरार तकनीकी सहायक पवन चंद्रवंशी की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

आदिवासियों के हक की लड़ाई जारी

इस घोटाले के सामने आने के बाद इलाके के बैगा परिवारों में भारी आक्रोश है। पंचायत प्रशासन का कहना है कि वे इस मामले को उच्चाधिकारियों के सामने रखेंगे ताकि आदिवासियों के लिए दोबारा फंड का इंतजाम किया जा सके और दोषियों से वसूली हो सके। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि फरार आरोपी को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और सरकारी पैसे की पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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